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भागो बाघ आया! बिहार से मध्य प्रदेश तक नरभक्षी बाघों का आतंक, बगहा में बनाया 7वां शिकार

वाल्मिकी टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों में आदमखोर बाघ के कारण दहशत.

वाल्मिकी टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों में आदमखोर बाघ के कारण दहशत.

नरभक्षी बाघों का आतंक लगातार जारी है. बिहार के बगहा में बाघ ने एक और युवक पर हमला कर मार डाला. अब तक बाघ ने बगहा में ही ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से निकले आदमखोर बाघ ने बनाया 7वां शिकार.
जंगल क्षेत्र के ग्रामीणों में भय का माहौल, वनकर्मियों के विरूद्ध गोलबंद हो रहे लोग.
मध्य प्रदेश के भोपाल MANIT में 6500 छात्रों के लिए शुरू हुई ऑनलाइन क्लास.

पश्चिम चंपारण/भोपाल. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से निकलकर मानव पर हमला बोलकर शिकार बना रहा बाघ आदमखोर हो चुका है. बगहा क्षेत्र में ही अब तक 7 लोगों को यह अपना शिकार बना चुका है. एक बार फिर इस नरभक्षी बाघ ने एक युवक का शिकार कर लिया है. शौच करने गए संजय महतो नाम के एक युवक पर नरभक्षी बाघ ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. ऐसी घटनाओं को लेकर वन विभाग के विरुद्ध स्थानीय लोग अब गोलबंद होने लगे हैं. बता दें कि गुरुवार को भी घर में सो रही एक लड़की को बाघ ने अपना शिकार बना लिया था.

एक के बाद एक 7 लोगों के इस नरभक्षी बाघ का शिकार बन जाने से बगहा के जंगल किनारे बसे गांवों में आज हर ओर दहशत है. भय का माहौल है. हर जगह एक ही आवाज आ रही है- भागो बाघ आया. दिन हो या फिर रात, बाघ की चहलकदमी ने ग्रामीणों के साथ वनकर्मियों की भी नींद उड़ा रखी है. खेतों में ग्रामीण जाने से परहेज कर रहे हैं और गांवों में लोग घर से भी झुंड बनाकर निकल रहे हैं. रेस्क्यू के बाद बाघ ने अपना ठिकाना बदल लिया है और अब  नए इलाकों में दहशत फैला रखी है.

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की ओर से किए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के असफल होने के बाद अब राज्यस्तरीय टीम बाघों के एक्सपर्ट के साथ रेस्क्यू के लिए मैदान में उतर गई है. नए इलाकों में घेरेबंदी कर बाघ को कब्जे में लेने की कवायद चल रही है. बिहार के मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक प्रभात कुमार गुप्ता के नेतृत्व में वन विभाग के अधिकारियों की टीम खुद फील्ड में उतरकर अभियान चला रही है.

बता दें कि आदमखोर बाघ की दहशत सिर्फ बिहार के बगहा में नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के भोपाल में भी है. यहां के जाने-माने मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) में आजकल बाघ की दहशत फैली है. तीन दिन से चल रहे बाघ के मूवमेंट को देखते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रबंधन ने गुरुवार को एहतियातन 6500 छात्रों की ऑनलाइन क्लास चलाई. बाघ ने मैनिट कैंपस में एक गाय का भी शिकार किया है.

साढ़े छह सौ एकड़ में फैले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में शुक्रवार शाम को फिर बैठक होगी जिसमें ये तय किया जाएगा कि आगे क्लास किस तरह से चलाई जाए. MANIT के हॉस्टल में ही साढ़े तीन हजार छात्र रहते हैं. बता दें कि बाघ ने MANIT परिसर में दो गायों पर झपट्टा मारा था. बाघ ने MANIT परिसर में ही एक गाय का शिकार भी किया था. हालांकि, वह शिकार को छोड़कर चला गया और उसके बाद बीते चौबीस घंटे में वापस नहीं आया.

एक ओर भोपाल में जहां बाघों की दहशत से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है, वहीं वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों में शिकार कर दहशत फैला चुके बाघ को रेस्क्यू करने के लिए अब राज्यस्तरीय वन विभाग की टीम मैदान में उतर गई है. रेस्क्यू टीम की मॉनिटरिंग अब बिहार के मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक खुद कर रहे हैं.

इन सबके बीच सवाल यह है कि बाघ आखिर जंगल के अपने आशियानों को छोड़कर रिहायशी इलाकों में शिकार की तलाश क्यों कर रहा है? सवाल यह भी कि क्या आनेवाले दिनों में बाघों की रिहायशी इलाकों में चहलकदमी पर नियंत्रण के लिए वन विभाग कोई बड़ा फैसला लेगा?

Tags: Bihar News, Champaran news, Tiger reserve areas, Tiger reserves open, Valmiki Tiger Reserve

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