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Lockdown की सख्ती में भी इस जिला प्रशासन की क्यों हो रही प्रशंसा ? जानें क्या है माजरा
West-Champaran News in Hindi

News18 Bihar
Updated: April 4, 2020, 11:47 AM IST
Lockdown की सख्ती में भी इस जिला प्रशासन की क्यों हो रही प्रशंसा ? जानें क्या है माजरा
लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की मदद में आगे रहा बेतिया जिला प्रशासन.

डीएम ने कहा कि कई जरूरतमंदों को बाहर से इस जिले में लाने हेतु आवश्यक कार्रवाई की गयी है. पश्चिम चम्पारण जिले के निवासी जो बाहर फंसे हैं तथा बाहर के निवासी, जो पश्चिम चम्पारण जिले में फंसे हैं, उनको किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जायेगी.

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बेतिया. लॉकडाउन (Lockdown) में आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन सख्ती से इसे लागू करने को लेकर तत्पर भी है. ऐसे में कई जगह एफआईआर (FIR) दर्ज होने के साथ ही गिरफ्तारियां भी हुई हैं. लेकिन इसके बीच ही बेतिया जिला प्रशासन के मानवतावादी रुख (Humanitarian approach) की काफी प्रशंसा भी हो रही है. हाल में ही एक ऐसा वाकया पेश आया जिसमें प्रशासन ने दिल्ली में कार्यरत एक पति को गर्भवती पत्नी के पास पहुंचाने में मदद की.

लॉकडाउन में भी गर्भवती पत्नी के पास पहुंचा युवक
दरअसल युवक अमरेश कुमार दिल्ली के एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत है. लाॅकडाउन होने के बाद उन्होंने प्रशासन से गुहार लगायी कि मेरी पत्नी घर पर (बेतिया में) हैं तथा वह बच्चे की मां बनने वाली है. इसके लिए उसने रेलवे टिकट भी लिया था परंतु लाॅकडाउन के मद्देनजर वह बेतिया आने में असमर्थ है.

युवक ने बताया कि पूर्व में किन्ही कारणों से ये दंपति अपनी एक बच्ची को खो चुके हैं, पत्नी की मदद के करने यथा हाॅस्पिटल ले जाने, दवा आदि की व्यवस्था करने वाला कोई कोई भी नहीं हैं, इसलिए वह बेतिया आना चाहता है.



जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए गुहार लगाने वाले युवक अमरेश को बेतिया लाने हेतु एक वाहन पास निर्गत कर दिया. जिससे वह युवक बेतिया आकर अपनी पत्नी एवं घरवालों से मिल पायेगा. युवक अमरेश ने कहा कि जिला प्रशासन के इस सहयोग का वह जिंदगी भर आभारी रहेगा.



दिल्ली AIIMS में करवा पाए पत्नी का इलाज
इसी तरह के एक अन्य मामले में आईटीआई, बेतिया निवासी श्री रिपुसुदन मिश्रा की पत्नी का इलाज में भी जिला प्रशासन द्वारा सहयोग किया गया है. श्री रिपुसुदन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी का इलाज एम्स, दिल्ली में चलता है. एक अप्रैल को एक्स के डाॅक्टर ने आवश्यक जांच एवं दवाई के लिए बुलाया था.

लेकिन, लाॅकडाउन की वजह से सारे टिकट कैसिंल कराने पड़े थे. विवश होकर उन्होंने जिला प्रशासन से मदद मांगी. जिला प्रशासन द्वारा उन्हें एवं उनकी पत्नी के इलाज के लिए वाहन का पास बनवाकर दिया गया जिससे वे नियत तारीख को एम्स, दिल्ली जाकर अपनी पत्नी का इलाज करवा पाए.

वाराणसी से मंगवाई दवाई
एक अन्य मामले में सूरत में नौकरी कर रहे श्री आशुतोष तिवारी ने ट्विटर के जरिये जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगायी थी. श्री आशुतोष तिवारी ने बताया कि उनका घर बानूछापर, बेतिया में है. उनके पिताजी का इलाज बनारस में चलता है. लाॅकडाउन की वजह से बनारस से दवा मंगाना कठिन हो गया.

बनारस के डाॅक्टरों द्वारा लिखी गई दवाई बेतिया में नहीं मिल रही है तथा पिताजी को दवा की अत्यंत आवश्यकता है. डीएम ने इसे अत्यंत गंभीरता से लेते हुए उनके घर बानूछापर में सारी आवश्यक दवाईयां मुहैया करायी गयी.

बेतिया में फंसे युवक को रांची भिजवाया
वहीं बेतिया के गुलाबबाग निवासी प्रशांत कुमार अपने माता पिता पत्नी व दो बच्चों को रांची में छोड़कर घर आया था और लॉकडाउन के कारण वह बेतिया में फंस गया. जिसके बाद वहां प्रशांत के पिता की तबीयत खराब हो गई. डीएम कुन्दन कुमार के निर्देश पर प्रशांत को रांची से परिवार लाने के लिए पास मुहैया कराया गया और प्रशांत का परिवार अभी रांची से लौट गया.

डीएम ने कही ये बात
डीएम कुंदन कुमार ने कहा है कि अमरेश जैसे अन्य कई युवकों को बाहर से इस जिले में लाने हेतु आवश्यक कार्रवाई की गयी है. पश्चिम चम्पारण जिले के निवासी जो बाहर फंसे हैं तथा बाहर के निवासी जो पश्चिम चम्पारण जिले में फंसे हैं, उनको किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जायेगी, हरसंभव सहयोग किया जायेगा.

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First published: April 4, 2020, 11:35 AM IST
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