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बिहार के इस गांव में घुसा आदमखोर बाघ, 36 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

बिहार के बगहा स्थित गांव में घुसा आदमखोर बाघ

बिहार के बगहा स्थित गांव में घुसा आदमखोर बाघ

Tiger Terror In Bagha: बगहा के जिस इलाके में इस बाघ ने अपना ठिकाना बनाया है उस पूरे इलाके को वन विभाग के कर्मियों ने घे ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

बिहार का बगहा क्षेत्र पूरी तरह से जंगल से घिरा है
गांव में बाघ के घुसने से इलाके के लोग दहशत में हैं
पूरे इलाके में बीते 22 दिनों से बाघ का दहशत है, जो कि अभी भी लोगों की गिरफ्त से दूर है

बगहा. बिहार के बगहा इलाके के लोग इन दिनो आदमखोर बाघ के कारण दहशत में हैं. दरअसल वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों में बाघ घुस चुका है लेकिन इसका रेस्क्यू करने में वन विभाग अभी तक विफल है. बगहा में खतरनाक बाघ अब भी पकड़ से बाहर है. 22 दिन बीत जाने के बाद भी बाघ को वनकर्मी पकड़ नहीं पाए हैं. बाघ पिछले 36 घंटे से रघिया वन क्षेत्र के डबरापुर गांव के समीप डेरा जमाए हुए है. वन विभाग की टीम बाघ को भी घेरे हुए हैं. गांव के चप्पे-चप्पे पर वन विभाग की टीम की तैनाती कर दी गई है.

इस बीच बाघ ने एक बछड़े का शिकार कर दिया है, जिसके बाद गांव में दहशत का माहौल है. बाघ जिस जगह पर डेरा जमाए हुए है, वह काफी हरा भरा जंगल है. यहां पर पानी भी प्रचुर मात्रा में है, ऐसे में बाघ को एक उचित जगह मिला है लेकिन इसके साथ ही बाघ और यहां के ग्रामीण, दोनों पर खतरा है जिसे देखते हुए वन विभाग जल्द से जल्द रेस्क्यू करना चाह रहा है.

बाघ मौका देखकर कर रहा शिकार

रात में बाघ गांव के एक किसान के बथान से बछड़े को उठा ले गया. गुदगुदी पंचायत स्थित बलुहवा में  प्रयाग यादव का घर है जो की जंगल से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित है, वहां बाघ ने अपनी धमक दिखाई. प्रयाग यादव के साथ-साथ घर के सभी सदस्यों ने बाघ द्वारा बछड़े का शिकार होता देखा लेकिन बाघ के आदमखोर होने के कारण कोई उसको भगा नहीं सका. बाघ बछड़े को उठाकर गन्ने के खेत में लेकर चला गया. प्रयाग यादव ने बताया कि बाघ काफी बड़ा है, क्योंकि बछड़े का वजन तकरीबन 50 किलो था जिसे वह आसानी से उठा कर ले जा रहा था.

दूसरे बाघ के एरिया में घुसा है बाघ

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉक्टर नेशमणि के ने बताया कि बाघ का सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए लगातार अभियान चल रहा है. बाघ की हर गतिविधि पर वन विभाग नजर बनाए हुए है. वन विभाग के लोगों ने बताया कि जिस क्षेत्र में अभी बाघ घुसा है वह क्षेत्र दूसरे बाघ का है. यहां किसी अन्य बाघ ने ट्रैकिंग बनाया हुआ है, हालांकि इस बाघ का लंबा ट्रेजरी है. वन विभाग के सामने एक चुनौती तो बाघ का रेस्क्यू करना और दूसरा दोनो बाघों के बीच वर्चस्व की लड़ाई से बचाना भी है वहीं तीसरी चुनौती बाघ से ग्रामीणों को बचाना है.

हर 20 मीटर पर दो वन कर्मी तैनात

बाघ पर नजर बनाए रखने और ट्रैकिंग के लिए हर 20 मीटर पर दो वन कर्मियों को एक साथ तैनात किया गया है. इसके साथ ही अधिकारियों की टीम लगातार वन कर्मियों की मॉनिटरिंग कर रही है. हर टीम के साथ एक वॉकी टाकी दिया गया है ताकि बाघ की गतिविधि का मैसेज तुरंत पास किया जा सके.

Tags: Bihar News, Tiger attack

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