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यहां लाठी-डंडों के सहारे हो रही है बाघों की सुरक्षा

ETV Bihar/Jharkhand
Updated: October 17, 2017, 1:07 PM IST

प्रदेश के एकलौते टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है.

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प्रदेश के एकलौते टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है. दरअसल वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में सुरक्षा पर तैनात गार्ड के पास हथियार के नाम पर सिर्फ डंडा है. वही अगर हम तस्करों की बात करें तो वो आधुनिक हथियारों से लैस हैं.

नदी और पहाडों के बीच जंगल में जानवरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे वनकर्मियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं. लगातार साथियों पर हो रहे हमलों के कारण अब लाठी के सहारे हथियारबंद अपराधियों से लड़ने से इन्हें खौफ हो गया है. शिकार और तस्करी पर विराम लगाने के अभियान में इन सुरक्षाकर्मियों की खुद की जान जोखिम में है.

हथियारों से वनकर्मियों को आधुनिक हथियारों से लैस करने की योजना फाइलों से आगे नही बढ़ पा रही है. लगातार हो रहे हमलों के बाद भी सुरक्षा तंत्र, वन महकमा तमाशबीन बना हुआ है. यहां कर की घायलों का हाल जानने की कोशिश तक नहीं की जा गई.

सवाल बस यह नहीं है कि बिहार का यह आशियाना तस्करों और शिकारियों के गठजोड़ से असुरक्षित है सवाल यह भी कि जब वन महकमें का सिस्टम ही बीमार पड़ जाए तो भला जानवरों और जंगल की सुरक्षा फिर कैसे होगी.

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First published: October 17, 2017, 12:30 PM IST
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