टूरिज्म पर ब्रेक: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के सैलानियों को अब करना होगा अक्टूबर तक का इंतजार
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टूरिज्म पर ब्रेक: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के सैलानियों को अब करना होगा अक्टूबर तक का इंतजार
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व फाइल फोटो

कोरोना को लेकर जंगल,अतिथि भवन, हट एवं वाल्मीकि बिहार होटल की बुकिंग को 24 मार्च से बंद किया गया था जिसे शुरू करने की कोशिश होती तबतक 15 जून यानि मानसून ने दस्तक दे दी.

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पश्चिमी चंपारण. कोरोना काल से मिली छूट के बाद बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगलों का दीदार करने की हसरत पाल रहे सैलानियों को अब अक्टूबर का इंतजार करना होगा. 30 सितम्बर तक वाल्मीकि रिजर्व भ्रमण पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है. इको टूरिज्म सेंटर में कोरोना के बाद अब मानसून के कारण जंगल सफारी पर भी ब्रेक रहेगा. वीटीआर के इको टूरिज्म में आने वाले पर्यटकों को अपना कार्यक्रम स्थगित करना होगा या फिर किसी अन्य पर्यटन केंद्र की ओर रुख करना होगा क्योंकि टाइगर रिजर्व में बरसात के दौरान किसी भी प्रकार के पर्यटन पर रोक लगा दी गई है.

मानसून के कारण रहती है रोक

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व प्रशासन ने जंगल सफारी पर ब्रेक लगाते हुए आम लोगों और पर्यटकों के लिए जंगल के रास्तों को बंद करने का निर्णय लेते हुए एक प्रस्ताव मंजूरी के लिए केंद्र व राज्य सरकार के वन मंत्रालय को भेजा है. प्रत्येक वर्ष मानसून सीजन में जंगल सफारी पर रोक रहती है.



अक्टूबर में शुरू होगी जंगल सफारी सेवा
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक हेमकांत राय ने बताया कि मानसून को लेकर वीटीआर में जंगल सफारी पर रोक रहेगी जो 16 जून से जुलाई-अगस्त, सितंबर माह तक बंद रहेगा. निदेशक राय ने बताया कि अक्टूबर माह से पुनः जंगल सफारी को शुरू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि मानसून में बाघ शावकों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के मद्देनजर भी पर्यटकों के आवागमन पर पूर्णत रोक लगाने का निर्णय लिया गया है. इस दौरान किसी भी प्रकार का कोई भी पर्यटन का काम नहीं होगा.

नेशनल टाइगर कन्जरवेशन ऑथोरिटी का आदेश

केंद्र सरकार के उपक्रम नेशनल टाइगर कन्जरवेशन ऑथोरिटी का देश के सभी टाईगर रिजर्व को मानसून में बंद रखने का आदेश है. इसको लेकर मानसून में जंगल सफारी के साथ ही सभी सेवाओं पर पर ब्रेक लगाने के निर्णय लिया गया है.

कोरोना के बाद मानसून की मार झेल रहा टूरिज्म

बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाईगर रिजर्व में सरकार की इको टूरिज्म सेवा पहले कोरोना और अब मानसून की मार झेलने को मजबूर है. कोरोना को लेकर जंगल,अतिथि भवन, हट एवं वाल्मीकि बिहार होटल की बुकिंग को 24 मार्च से बंद किया गया था जिसे शुरू करने की कोशिश होती तबतक 15 जून यानि मानसून ने दस्तक दे दी.

वनपथों की हालत भी हो जाती है जर्जर

बरसात के दिनों में वनपथों की हालत जर्जर हो जाती है जिससे एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. निदेशक ने बताया कि बरसात के दिनों में भू-क्षरण का काम तेजी से होता है जिस कारण वनपथों की हालत खस्ताहाल हो जाती है.
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