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बिहार के इस इको टूरिस्ट सेंटर में राष्ट्रीय पक्षी मोर का नृत्य देख सकेंगे पर्यटक, जानें क्या है प्लान

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में मोर की संख्या में वृद्धि

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में मोर की संख्या में वृद्धि

West Champaran News: वाल्मिकी टाईगर रिजर्व (VTR) के वन संरक्षक-सह-क्षेत्र निदेशक हेमकांत राय ने बताया कि वीटीआर के वन क्षेत्रों में राष्ट्रीय पंक्षी मोर की संख्या बढ़ी है. यहां के पर्यटन को बढ़ावा देने में इससे काफी लाभ मिलेगा.

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    बगहा. बिहार के इकलौता वाल्मिकी टाईगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve)  यानी VTR के इको टूरिस्ट सेंटर में आने वाले पर्यटक राष्ट्रीय पंक्षी मोर (National Bird Peacock) का नृत्य देख सकेंगे. इन दिनों VTR के मदनपुर, वाल्मिकीनगर, गनौली, गोवर्धना व मंगुराहा के वन क्षेत्रों के जंगलों में राष्ट्रीय पंक्षी मोर की संख्या तेजी के साथ बढ़ी है. बढ़ती संख्या को देख VTR प्रशासन मोरों की संरक्षण व सुरक्षा को लेकर टीमों का गठन किया है. विशेष रूप से मोर बरसात के मौसम में जंगल होकर गुजरी सडकों पर नृत्य करते मोर आकर्षण का केन्द्र बनते हैं. पर्यटन सत्र में आने वाले पर्यटक निश्चित ही जंगल सफारी व ट्रैकिंग करते समय मोरों को देख  मंत्रमुग्ध हुए बिना नहीं रह सकेंगे.

    वाल्मिकी टाईगर रिजर्व (VTR) के वन संरक्षक-सह-क्षेत्र निदेशक हेमकांत राय ने बताया कि वीटीआर के वन क्षेत्रों में राष्ट्रीय पंक्षी मोर की संख्या बढ़ी है. यहां के पर्यटन को बढ़ावा देने में इससे काफी लाभ मिलेगा. मोरों की बढ़ती संख्या को देख मदनपुर, गनौली,  वाल्मिकीनगर, गोवर्धना व मंगुराहा  वन क्षेत्रों में से मोर  अधिवास क्षेत्र बनाने के लिए प्रक्रिया चल रहा है. जल्द ही  चयन कर राज्य वन मुख्यालय को अवगत कराया जायेगा ताकि मोर अधिवास क्षेत्र बन जाने से आने वाले पर्यटक बच्चों के साथ मोरों का नृत्य देख आकर्षित हों.

    वाल्मीकि टाइगर रिजर्व इको टूरिस्ट सेंटर राष्ट्रीय पक्षी मोर का नृत्य देख सकेंगे पर्यटक.

    उन्होंने बताया कि मोरों को रेस्क्यू कर वीटीआर के वनक्षेत्रों मे में छोड़ा जाता है. बता दें कि मोर को भारत में राष्ट्रीय पक्षी 26 जनवरी 1963 को घोषित किया गया था. मोर की मुख्य रूप से दो प्रजातियां पायी जाती हैं. एक  नीला मोर जो भारत, नेपाल व श्रीलंका तथा दूसरा हरा मोर जावा इंडोनेशिया, तथा म्यांमार में पाया जाता है. इसके अलावे अफ्रीका के वर्षावनों में कांगो मोर भी मिलते हैं. वाल्मीकि नगर में नील अनमोल पाया जाता है. (रिपोर्ट- मुन्ना राज)

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