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VTR: आदमखोर बाघिन ने 23 दिन में 4 इनसानों को बना लिया निवाला, पकड़ने के सारे दांव जा रहे खाली

Valmiki Tiger Reserve: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से बाहर निकलकर पिछले 23 दिनों में इस बाघिन ने क्षेत्र के 4 लोगों को अपना श ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

वन विभाग के लोगों ने बताया कि आदमखोर बाघिन अभी जिस क्षेत्र में घुसी है, वह क्षेत्र दूसरे बाघ का है.
ऐसे में आमना-सामना होने पर मुमकिन है कि भंयकर लड़ाई होगी. किसी एक की जान भी जा सकती है.

रिपोर्ट : आशीष कुमार

पश्चिम चंपारण. नामीबिया से लाए गए चीते जहां कुनो नेशनल पार्क आने वाले लोगों के लिए कौतूहल का विषय बने हुए हैं, वहीं बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि व्याघ्र रिजर्व (VTR) की एक बाघिन लोगों की जान की दुश्मन बन गई है. बाघिन और वनकर्मियों के बीच पिछले 23 दिनों से लुका-छिपी का खेल चल रहा है. चार लोगों को मार कर खा चुकी यह बाघिन इतनी चालाक है कि ट्रैप करने के लिए वनकर्मियों के रखे भी चुपके से खाकर खिसक जाती है.

अब चर्चा है यह बाघिन दूसरे एरिया में घुस गई है, जो काफी बड़ा है. कुछ घंटे पूर्व तक इस बाघिन के रघिया वन क्षेत्र के डबरापुर गांव के पास डेरा जमाए होने की बात कही जा रही थी. वन विभाग के लोगों ने बताया कि जिस क्षेत्र में अभी बाघिन घुसी है, वह क्षेत्र दूसरे बाघ का है. यहां किसी अन्य बाघ ने ट्रैकिंग बनाया हुआ है. हालांकि उस बाघ का लंबा टेरेटरी है. ऐसे में अगर दोनों का आमना-सामना हो जाता है तो मुमकिन है कि भंयकर लड़ाई होगी और किसी एक की जान भी इस लड़ाई में जा सकती है.

23 दिनों से दहशत में गांव के लोग

बाघिन के आतंक से जंगल के आसपास बसे गांव के लोग दहशत में हैं. ग्रामीण अपने घरों से निकलना नहीं चाह रहे हैं. खेत की ओर भी नहीं झांक रहे. वन विभाग की टीम ने पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है. पूरे इलाके में दूर-दूर तक सिर्फ सन्नाटा पसरा हुआ है. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से बाहर निकल कर पिछले 23 दिनों में इस बाघिन ने क्षेत्र के 4 लोगों को अपना शिकार बना लिया. जबकि क्षेत्र के बलुहवा गांव में घुसकर प्रयाग यादव के भैंस के बछड़े को भी मारकर खा गई.

बाघिन को ट्रैप करने की कोशिशें नाकाम

बताया गया कि बाघिन को ट्रैप करने के लिए वनकर्मियों ने जंगल में बकरे के साथ एक पिंजरा भी रखा था. लेकिन अब बताया जा रहा है कि चालाक बाघिन वहां आई और बकरे को चुपके से खाकर वापस चली गई. उसे पकड़ने के लिए अबतक किए गए तमाम प्रयास अभी तक असफल रहे हैं. हालांकि वनकर्मियों को उम्मीद है जल्द ही आदमखोर बाघिन को पकड़ लिया जाएगा. फिलहाल VTR वन प्रमंडल-2 में बाघिन का रेस्क्यू वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है.

ग्रामीणों के अकेले खेतों में जाने की मनाही

VTR के निदेशक डॉ. नेशामणि ने कहा कि बाघिन के रेस्क्यू का प्रयास जारी है. हम टीम बनाकर लगातार प्रयास कर रहे हैं. गांव की सीमा पर भी जगह-जगह वन कर्मियों को लगाया गया हैं, जबकि रात को लोगों की सुरक्षा के लिए आग जलाई जा रही है. ग्रामीणों को अकेले खेतों की ओर नहीं जाने दिया जा रहा है. बता दें कि दोन क्षेत्र जाने वाला रास्ता वीटीआर के अंदर से होकर गुजरता है. इस वजह से वहां बाघिन के हमले का खतरा बना रहता है.

Tags: Bihar News, Valmiki Tiger Reserve

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