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OPINION: नीतीश ने बीजेपी का साथ छोड़ तेजस्वी के साथ मिलकर प्लान किया बड़ा गेम

OPINION: नीतीश ने बीजेपी का साथ छोड़ तेजस्वी के साथ मिलकर प्लान किया बड़ा गेम

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा देने के कुछ देर बाद तेजस्वी यादव से मिले. (File Photo)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा देने के कुछ देर बाद तेजस्वी यादव से मिले. (File Photo)

नीतीश कुमार ने अंतत: एनडीए से अपने रिश्ते तोड़कर लालू प्रसाद की पार्टी आरजेडी के साथ मिलकर बिहार में नई सरकार बनाने का फैसला किया. वैसे यह कोई चौंकाने वाली खबर भी नहीं है क्योंकि बिहार में इसके कयास पिछले तीन-चार महीने से लगाए जा रहे थे.

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बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार और बीजेपी का गठबंधन टूट गया. इसके कयास तो पिछले तीन चार माह से लगाए जा रहे थे, लेकिन मंगलवार को नीतीश ने अंतत: एनडीए से अपने रिश्ते तोड़कर लालू प्रसाद की पार्टी आरजेडी के साथ मिलकर बिहार में नई सरकार बनाने का फैसला किया. गठबंधन टूटने के बाद जदयू नेताओं ने कहा कि बीजेपी बिहार में हमें खत्म करने में लगी थी. इसी कारण हमने उनका साथ छोड़ दिया. लेकिन, राजनीति के जानकार इससे इंकार करते हैं. उनका कहना है कि नीतीश कुमार बीजेपी को छोड़कर महागठबंधन में जाने का फैसला एक बड़े प्लान के तहत किया है. यही कारण है कि जेडीयू के राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार को नई पारी का ट्वीट कर शुभकामना देते हुए कहा कि नए स्वरूप में नये गठबंधन के नेतृत्व की जवाबदेही के लिए नीतीश कुमार जी को बधाई. नीतीश जी आगे बढ़िए. देश आपका इंतजार कर कर रहा है.

नीतीश सबके हैं
नीतीश कुमार के इस्तीफा से पहले राजधानी पटना के चौक चौराहों पर ‘नीतीश सबके हैं’ का पोस्टर लगाया गया. वरीय पत्रकार लव कुमार मिश्रा का कहना है कि पोस्टर से नीतीश की पार्टी ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है. यही कारण है कि दिन भर राजनीतिक गलियारे में इस बात की चर्चा होती रही कि नीतीश कुमार और तेजस्वी के बीच सीएम पद को लेकर फार्मूला बना है. दरअसल, इसके पीछे पीएम पद की उम्मीदवारी है. यही कारण है कि जदयू नेता उपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट कर नीतीश जी को बधाई देते हुए कहा कि नीतीश जी आगे बढ़िए. देश आपका इंतजार कर कर रहा है.

इससे पहले उन्होंने लिखा था- 9 अगस्त: क्रांति दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई. आईए, क्रांति दिवस से प्रेरणा ग्रहण करें–कुछ नया करने की, नई शुरुआत की. बिहार वासियों, देश को नई दिशा देने की. आदरणीय नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में कदम दर कदम आगे बढ़ाने की. आप जब पोस्टर और उपेंद्र कुशवाहा के ट्वीट को जोड़कर देखेंगे तो साफ हो जाएगा नीतीश कुमार क्यों बीजेपी छोड़कर महागठबंधन में शामिल हुए. वैसे भी नीतीश कुमार का निशाना वो नहीं होता है, जो सबको नजर आ रहा है, वो कहीं और निशाना लगा रहे होते हैं और अपनी गोटियां कहीं और चलते हैं.

बीजेपी से गठबंधन तोड़ने के नीतीश कुमार के फैसले को 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. चुनाव से करीब दो साल पहले नीतीश कुमार का बीजेपी से नाता तोड़कर महागठबंधन में शामिल हो गए. नीतीश के महागठबंधन में शामिल होने से बिहार में एनडीए कमजोर पड़ सकता है. इसकी एक बानगी 2015 में देखने को मिली थी. वैसे बीजेपी नेता इससे इंकार करते हैं. उनका कहना है कि 10 साल में बहुत कुछ बदल गया है. पहले हमारे पास बताने को कुछ नहीं था. लेकिन 10 सालों में हमने जो काम किया है उसको लेकर जनता के पास जाएंगे.

इधर, कांग्रेस प्रवक्ता आस्तिनाथ तिवारी का कहना है कि 2024 के लोक सभा चुनाव में एनडीए अपनी परंपरागत सीट भी नहीं बचा पाएगा. अब रही बात लोकसभा चुनाव की, तो उसमें अभी काफी वक्त है. दो साल राजनीति के लिए लंबा वक्त होता है. ऐसे में अभी से 2024 की बात करना और उस पर कोई दावा करना सिर्फ जल्दबाजी होगी.

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi उत्तरदायी नहीं है.)

Tags: BJP, Jdu, NDA, Nitish kumar, RJD

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