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अगले 2 साल में 1 लाख से ज्यादा बेरोजगारों को नौकरी देगी मोदी सरकार, बनाया ये खास प्लान

पीटीआई
Updated: December 11, 2019, 10:37 AM IST
अगले 2 साल में 1 लाख से ज्यादा बेरोजगारों को नौकरी देगी मोदी सरकार, बनाया ये खास प्लान
1.20 लाख कम्युनिटी स्वास्थ्य अधिकारियों को नौकरी मिलेगी

बेरोजगारों (Unemployed) को नौकरी (Job) देने के लिए सरकार जल्द एक खास कदम उठाने वाली है. केन्द्र सरकार (Central Government) अपनी महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) स्कीम के तहत 1.20 लाख कम्युनिटी स्वास्थ्य अधिकारियों को नौकरी पर रखने वाली है.

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नई दिल्ली. बेरोजगारों (Unemployed) को नौकरी (Job) देने के लिए सरकार जल्द एक खास कदम उठाने वाली है. केन्द्र सरकार (Central Government) अपनी महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) स्कीम के तहत 1.20 लाख कम्युनिटी स्वास्थ्य अधिकारियों को नौकरी पर रखने वाली है. इन अधिकारियों को 2022 तक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों (AB-HWCs) पर नियु​क्त किया जाएगा. बता दें कि ये जानकारी स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने मंगलवार को राज्यसभा में दी. सरकार आयुष्मान भारत- हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों (AB-HWCs) के हिस्से के तौर पर सभी उप स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को HWCs में अपग्रेड किया जाएगा. ऐसा इसलिए ताकि वे ​व्यापक रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा सकें.

ये है सरकार की योजना
चौबे ने कहा कि वित्त वर्ष 2022 तक 1.5 लाख HWCs बनाने की योजना है. क्रियान्यन योजना के अनुसार 1.20 लाख कम्युनिटी स्वास्थ्य अधिकारी SHC लेवल AB-HWCs पर 2022 तक नियुक्त किए जाएंगे. आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) का लक्ष्य हर साल लगभग 10.74 करोड़ गरीब और वंचित परिवारों को 5 लाख रुपये प्रति परिवार का हेल्थ कवर उपलब्ध कराना है. इस योजना ने शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों तरह के रोजगार के जनरेशन की दिशा में असर दिखाया है.

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इस योजना का पहला साल सफल रहा 
इस स्कीम में शामिल अस्पतालों को हेल्पडेस्क और अन्य संबंधित गतिविधियों को मैनेज करने के लिए प्रधानमंत्री आरोग्य मित्र रखना जरूरी है. मंत्री ने आगे कहा कि AB-PMJAY के लागू होने से सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा की मांग बढ़ेगी. इससे डॉक्टर, पैरामेडिक्स और सभी प्रोफेशनल नौकरियों की मांग बढ़ेगी. इस योजना का पहला साल सफल रहा है.

आयुष्मान भारत स्कीम के लिए जागरुकता बढ़ाने की जरूरत है ताकि स्कीम की पहुंच को बेहतर बनाया जा सके. इस स्कीम के तहत और ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों को शामिल कर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाया जा सकता है. इसके अलावा योजना को लागू करने के हर चरण पर क्षमता में लगातार सुधार की भी जरूरत है.ये भी पढ़ें: SBI-HDFC के बाद अब इस सरकारी बैंक ने ग्राहकों को दिया तोहफा, बचेंगे आपके पैसे

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First published: December 11, 2019, 10:37 AM IST
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