ये लोग PMC खातों से निकाल सकते हैं 1 लाख रुपये, इन बातों का रखना होगा ध्यान

ये लोग PMC खातों से निकाल सकते हैं 1 लाख रुपये, इन बातों का रखना होगा ध्यान
पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक

मेडिकल इमरजेंसी, शादी, सीनियर सिटीजन, शिक्षा और दिव्यांग लोगों के मासिक खर्च के लिए पीएमसी बैंक (PMC Bank) से निकासी के लिए सीमा बढ़ गई है. इसके लिए उन्हें अधिक जरूरी सर्टिफिकेट निकासी के वक्त बैंक में जमा करने होंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2019, 11:27 PM IST
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नई दिल्ली. पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (Punjab and Maharashtra Co-operative Bank) के ग्राहकों को हाल ही में RBI ने अधिकतम कैश निकालने की सीमा को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये कर दिया था. अब कुछ विशेष मामलों में आरबीआई ने 1 लाख रुपये तक निकालने का प्रावधान किया है.

इन लोगों के लिए बढ़ाई गई सीमा
RBI द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, किसी मेडिकल इमरजेंसी (Medical Emergency) के मामले में 1 लाख रुपये तक की निकासी की जा सकती है. वहीं, शादी, सीनियर सिटीजन, शिक्षा और दिव्यांग लोगों के लिए यह सीमा 50,000 रुपये तक कर दी गई है. लेकिन, ध्यान देने वाली बात है कि 1 लाख रुपये तक की यह लिमिट 40,000 रुपये के अतिरिक्त नहीं है. मनीकंट्रोल ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी है. बता दें कि पीएमसी बैंक में नकदी निकासी पर प्रतिबंध लगने के बाद मेडिकल इमरजेंसी के दौरान कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी है.

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 निकासी के वक्त देनी होगी ये जानकारी


अगर किसी व्यक्ति को, उनके पति/पत्नी, बच्चों या माता-पिता के लिए मेडिकल इमरजेंसी है तो इसके लिए संबंधित डॉक्टर से अनुमानित खर्च के बारे में ब्योरा जमा करना होगा. इसमें मेडिकल ​सर्टिफिकेट, मेडिकल रिपोर्ट, इलाज के बिल्स जमा करना होगा. इसे पीएमसी बैंक से निकासी के दौरान जमा करना होगा.


वरिष्ठ नागरिकों को 50,000 रुपये की निकासी के लिए एज सर्टिफिकेट जमा करना होगा. दिव्यांग व्यक्तियों को भी सर्टिफिकेट दिखाने होंगे. इन सभी डिपॉजिटर्स को अनुमानित मासिक खर्च का ब्योरा देना होगा. इसी प्रकार शिक्षा के लिए भी रिसीट का अनुमान बताना होगा. अगर शादी के लिए यह रकम निकाली जा रही है तो निकासी के समय शादी का इनविटेशन कार्ड, हॉल बुकिंग रिसीट, गहनों की रिसीट आदि साथ में संलग्न करनी होगी.


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डिपॉजिट इंश्योरेंस बढ़ाने की मांग
बता दें कि बैंकों में जमा हर डिपॉजिटर्स की रकम पर एक लाख रुपये का डिपॉजिट इंश्योरेंस (Deposit Insurance) होता है. मई 1993 में इस इंश्योरेंस कवर को 30,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया था. हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा ​था कि पीएमसी बैंक संकट के बाद​ डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर को बढ़ाया जाना चाहिए. एसबीआई के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर सौम्य कांति घोष ने कहा था कि डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर बहुत कम है.
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