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हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय 10 बातों का ध्यान रखें युवा, बाद में होने वाली परेशानी से बचें

हेल्थ इंश्योरेंस युवाओं के लिए भी उतना ही जरूरी है जितना वृद्धों के लिए.

हेल्थ इंश्योरेंस युवाओं के लिए भी उतना ही जरूरी है जितना वृद्धों के लिए.

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना जितना जरूरी वृद्धों के लिए उतना ही आवश्यक युवाओं के लिए भी है. युवा अब इस बात को लेकर अधिक सजग हो रहे हैं और पॉलिसी खरीद रहे हैं. अगर आप भी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने जा रहे हैं तो इन 10 बातों का ध्यान रखें.

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नई दिल्ली. युवाओं के बीच काफी लंबे समय से एक धारणा रही है कि स्वास्थ्य बीमा ​​वृद्ध लोगों के लिए हैं. लेकिन आजकल उन्हें स्वास्थ्य बीमा के महत्व का एहसास हो गया है. अब 20-40 वर्ष के आयु वर्ग के लोग भी हेल्थ इंश्योरेंस खरीद रहे हैं.

गंभीर बीमारियां, अक्षमताएं, बीमारियां और आपात चिकित्सा स्थिति केवल बुजुर्गों तक ही सीमित नहीं हैं. साथ ही, भारत में चिकित्सा मुद्रास्फीति 8 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रही है. इस तरह अगर आप इलाज का खर्च नकद भुगतान करेंगे तो आपको तगड़ा चूना लग सकता है. ऐसे में आपके लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेना समझदारी का सौदा होगा. लेकिन पॉलिस खरीदते समय इन 10 बातों का ध्यान रखें.

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  • यह तय करें कि आपको किस तरह की पॉलिसी चाहिए. आपकी जरूरत के अनुसार, आप ऐसी पॉलिसी भी चुन सकते हैं जो आपके पूरे परिवार को कवर करे.
  • आप 1, 2 या 3 वर्ष की पॉलिसी ले सकते हैं. यदि आप अपनी पॉलिसी के सभी लाभों और शर्तों से संतुष्ट हैं तो आप एक लंबी अवधि चुन सकते हैं.
  • बीमाकर्ता का क्लेम सेटलमेंट रेशो देखें. यह बीमा कंपनी को एक साल में मिले कुल दावों के मुकाबले निपटाए गए क्लेम्स का प्रतिशत होता है. आदर्श रूप से, आपकी पॉलिसी का यह 85 प्रतिशत से अधिक होना चाहिए.
  • आपको अपनी पॉलिसी में दिए गए नेटवर्क अस्पतालों की पूरी सूची की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निकटतम और सर्वोत्तम अस्पतालों को कवर किया गया है. साथ ही, सूची में ऐसे अस्पताल होने चाहिए जहां आप कैशलेस उपचार का लाभ उठा सकें.
  • दावा निपटान वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बीमाकर्ता पॉलिसीधारक को पैसे का भुगतान करता है. आपकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में कैशलेस भुगतान और रिमबर्समेंट दोनों होना चाहिए.
  • सुनिश्चित करें कि आपकी पॉलिसी में हॉस्पिटलाइजेशन कवर, मैटरनिटी कवर, डेकेयर प्रक्रिया, एड-ऑन कवर विकल्प आदि जैसी सुविधाएं हैं.
  • रूम रेंट कैपिंग या सब लिमिट अस्पताल के कमरे की लागत की सीमा है जो बीमा प्रदाता द्वारा वहन की जाती है. यह एक निश्चित राशि या कुल बीमा राशि का एक निश्चित प्रतिशत हो सकता है. उदाहरण के लिए, 1 लाख रुपये की पॉलिसी के लिए कमरे के किराए की कैपिंग 5 प्रतिशत या 5,000 रुपये प्रति दिन हो सकती है. यदि कमरे का किराया सीमा से अधिक है तो अतिरिक्त लागत बीमाकर्ता द्वारा वहन नहीं की जाएगी.
  • नो-क्लेम बोनस वह इनाम है जो पॉलिसीधारक को तब मिलता है जब उसने पूरे साल में कोई क्लेम न किया हो. सुनिश्चित करें कि आपकी नीति में यह सुविधा है. आदर्श नो-क्लेम बोनस 5 प्रतिशत से अधिक होता है.
  • प्रतीक्षा अवधि वह निश्चित समय अवधि होती है जिसके बाद आपकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के तहत बीमारियों की एक चुनिंदा सूची को कवरेज मिलना शुरू हो जाता है. इसमें आमतौर पर पहले से मौजूद बीमारियां, गंभीर बीमारी, मैटरनिटी बेनिफिट आदि शामिल होते हैं. अपनी जरूरत के हिसाब से ऐसी पॉलिसी चुनें, जिसमें आपके लिए सही वेटिंग पीरियड हो.
  • अपने स्वास्थ्य बीमा खर्चों की योजना बनाना और बजट बनाना महत्वपूर्ण है. ऐसी पॉलिसी चुनें जो आपके बजट में फिट हो लेकिन याद रखें कि कवरेज राशि जितनी अधिक होगी, प्रीमियम उतना ही अधिक होगा.

Tags: Health, Health Insurance, Insurance

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