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PM मोदी से मांग, दिहाड़ी मजदूर समेत इन लोगों के लिए ₹7 लाख करोड़ दे सरकार

पीटीआई
Updated: March 26, 2020, 8:20 PM IST
PM मोदी से मांग, दिहाड़ी मजदूर समेत इन लोगों के लिए ₹7 लाख करोड़ दे सरकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

गुरुवार को 10 ट्रेन यूनियनों पीएम मोदी को ज्वाइंट लेटर लिखकर डेली वर्कर्स के लिए कम से कम 5—7 लाख करोड़ रुपये के राहत की मांग की गई. इस दौरान उन्होंने जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लागने की भी मांग की.

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नई दिल्ली. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (Central Trade Unions) ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से काम करने वाली आबादी में सबसे अधिक नुकसान पहुंचने वाले लोगों के लिए 5-7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग की है. उन्होंने कि कोरोना वायरस महामारी और देशव्यापी लॉकाडाउन की वजह से उन्हें बहुत अधिक नुकसान हुआ है.

कामगारों की जीविका पर संकट
10 ट्रेड यूनियनों ने प्रधानमंत्री किए लिखे एक ज्वाइंट लेटर में कहा, 'हमने मांग की है कि COVID-19 और देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown in India) की वजह से कम से कम 5-7 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज दिया जाए ताकि कामगारों की जीविका को सुनिश्चित किया जा सके.' इस लेटर में कामगारों की जीविका को विशेष तौर पर रेखांकित किया गया है.

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इन ट्रेड यूनियनों ने की मांग
ये 10 यूनियन INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC हैं. उन्होंने यह भी मांग की है कि एमएसएमई, छोटे रिटेल ट्रेडर्स, स्ट्रीट वेंडर्स, स्वारोजगार जैसे क्षेत्र के कामगारों को कर्ज की अवधि में छूट दी जाए. उन्होंने कहा कि दिहाड़ी, कृषि क्षेत्र, वेंडर्स, रिक्शा चालक जैसे काम करने वाले लोग अपनी जीविका के लिए संकट की स्थिति से गुजर रहे हैं. इसके अलावा ट्रक ड्राइर्वस, हेल्पर्स, कुल, पोर्टर्स, कंस्ट्रक्शन वर्कर्स जैसे कामगार भी लॉकडाउन की वजह से संकट की स्थिति से गुजर रहे हैं.

कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए भी कदम उठाए सरकार
यूनियनों का कहना है कि इनकी जीविका पर खतरा बढ़ गया है क्योंकि लॉकडाउन की वजह से इनकी कमाई का इकलौता जरिया छीन चुका है. ट्रेड यूनियनों ने यह भी मांग की है कि दवाइयों, हाइजीन संबंधित वस्तुओं, सब्जी और फलों की डोर-टू-डोर डिलीवरी के लिए भी छूट दी जाए और इन्हें सहूलियत प्रदान की जाए. उन्होंने सरकार सुझाव दिया कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए भी सरकार त्वरित रूप से कदम उठाना चाहिए.

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First published: March 26, 2020, 8:17 PM IST
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