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इकोनॉमी के पटरी पर आने का भरोसाः चिदंबरम

इकोनॉमी के पटरी पर आने का भरोसाः चिदंबरम

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि ग्रोथ चाहिए लेकिन इसके लिए गरीबों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। वित्त मंत्री ने कहा कि वो मौजूदा ग्रोथ से संतुष्ट नहीं हैं।

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि ग्रोथ चाहिए लेकिन इसके लिए गरीबों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। वित्त मंत्री ने कहा कि वो मौजूदा ग्रोथ से संतुष्ट नहीं हैं।

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि ग्रोथ चाहिए लेकिन इसके लिए गरीबों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। वित्त मंत्री ने कहा कि वो मौजूदा ग्रोथ से संतुष्ट नहीं हैं।

    नई दिल्ली। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि ग्रोथ चाहिए लेकिन इसके लिए गरीबों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। वित्त मंत्री ने कहा कि वो मौजूदा ग्रोथ से संतुष्ट नहीं हैं और इकोनॉमी को पटरी पर लाने के लिए और भी कई बड़े कदम उठाने की जरूरत है। हालांकि वित्त मंत्री ने ये जरूर कहा कि दुनिया की इकोनॉमी मुश्किल दौर से गुजर रही है और यूरोजोन संकट का असर देश पर पड़ रहा है। फिर भी वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 20114 में 6 फीसदी के ग्रोथ की उम्मीद जताई है।

    वहीं वित्त मंत्री को उम्मीद है कि अगले 2 साल में जीडीपी ग्रोथ क्रमशः 7 फीसदी और 8 फीसदी रहेगी। वित्त मंत्री ने साल के अंत तक वित्तीय घाटे को 5.3 फीसदी के नीचे लाने की उम्मीद जताई है। वित्त मंत्री ने ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए विदेशी निवेश, खासतौर से एफडीआई की जोरदार वकालत की। वित्त मंत्री ने कहा कि यूरोजोन संकट का चीन और भारत पर असर देखने को मिला है। हालांकि चीन के अलावा किसी भी देश की इकोनॉमी ग्रोथ 7 फीसदी से ज्यादा नहीं है।

    वहीं भारत की इकोनॉमी में कमी आई है लेकिन अब भी ये 5 फीसदी पर स्थिर है। लिहाजा आगे आंत्रप्रन्योर की इकोनॉमी में मुख्य भूमिका होगी। वित्त मंत्री का कहना है कि होलसेल महंगाई दर काबू करने में कामयाब हुए हैं। हालांकि रिटेल महंगाई दर काफी ऊंची है और इसे नियंत्रण करने में समय लगेगा। रिटेल महंगाई दर को कम करने की पूरी कोशिश की जा रही है। सप्लाई बढ़ने से रिटेल महंगाई दर में कमी आएगी। ज्यादा एमएसपी की वजह से रिटेल महंगाई दर अभी भी ज्यादा है।

    वित्त मंत्री का मानना है कि फेड चेयरमैन बेन बर्नान्के के बयान के बाद रुपये में गिरावट आई है। लेकिन आरबीआई और सरकार के कदमों से रुपये में कुछ सुधार हुआ है। रुपये में गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई ने सही कदम उठाया है। आरबीआई के कदमों से दरों में बढ़ोतरी की कोई संभावना नहीं है। वित्त मंत्री ने बताया कि इंडस्ट्री की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त पूंजी मौजूद है। अटके हुए बड़े प्रोजेक्ट्स को जल्द मंजूरी देने पर काम कर रहे हैं।

    वित्त मंत्री के मुताबिक उन्हें सोना और ज्वेलरी इंडस्ट्री के साथ सहानुभूति है। लेकिन सरकार ने लोगों से कम सोना खरीदने की अपील की है, सोने की खरीदारी पर सरकार ने लगाम नहीं लगाई है। वित्त मंत्री की सलाह है कि देश में गोल्ड डिपॉजिट स्कीम मौजूद है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश का विकल्प मौजूद है। लेकिन भारत में लोगों को सोने से ज्यादा लगाव है। उम्मीद है कि धीरे-धीरे सोने के प्रति लगाव कम होगा। इंडस्ट्री के सुझावों से सोने का आयात कम करने की कोशिश की जाएगी।

    वित्त मंत्री का कहना है कि पिछले साल 3 लाख करोड़ रुपये के सोना का आयात हुआ। अप्रैल-मई में 304 टन सोने का आयात हुआ। वहीं इस साल जुलाई में सोने का आयात दोबारा बढ़ गया। लिहाजा सोने के आयात पर रोक लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। साथ ही बाजार में अनुशासन लाने और सट्टेबाजी रोकने के लिए एसटीटी और सीटीटी शुरू किया गया है। एसटीटी और सीटीटी लागू करने का मकसद राजस्व जुटाना है।


    Tags: New Delhi

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