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5 साल में सहकारी बैंकों में 220 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, सामने आए 1 हजार मामले

News18Hindi
Updated: January 27, 2020, 7:42 PM IST
5 साल में सहकारी बैंकों में 220 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, सामने आए 1 हजार मामले
5 साल में सहकारी बैकों फ्रॉड के 1 हजार मामले सामने आए

एक RTI के जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया कि पिछले 5 साल में शहरी सहकारी बैंकों में 220 करोड़ रुपये धोखाधड़ी हुई है. आरबीआई के सामने ऐसे कुल 1,000 मामले सामने आए हैं.

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  • Last Updated: January 27, 2020, 7:42 PM IST
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नई दिल्ली. शहरी सहकारी बैंकों (UCB) को पिछले पांच वित्त वर्ष में धोखाधड़ी से 220 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है. इस दौरान, बैंकों में धोखाधड़ी के करीब 1,000 मामले सामने आए हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से यह जानकारी मिली है. सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में, केंद्रीय बैंक ने कहा कि 2018-19 के दौरान 127.7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के कुल 181 मामले सामने आए.

किस साल धोखाधड़ी के कितने मामले
इसी प्रकार, बैंकों ने 2017-18 में धोखाधाड़ी के 99 मामले (46.9 करोड़ रुपये) और 2016-17 में 27 मामलों (9.3 करोड़ रुपये) की सूचना दी है. आरबीआई ने कहा कि 2015-16 में 17.3 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के 187 मामले सामने आए, जबकि 2014-15 के दौरान 19.8 करोड़ रुपये के इस तरह के 478 मामले सामने आए.

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कर्मचारियों की जवाबदेही पर ध्यान दें बैंक
आरटीआई में कहा गया है कि 2014-15 और 2018-19 के दौरान शहरी सहकारी बैंकों में 221 करोड़ रुपये के कुल 972 धोखाधड़ी मामले दर्ज किए गए. रिजर्व बैंक ने कहा, "बैंकों को आरबीआई को धोखाधड़ी के मामलों के बारे में जानकारी देना जरूरी होता है. बैंक के लिए आवश्यक है कि वह कर्मचारियों की जवाबदेही से जुड़े पहलुओं पर गौर करे और आंतरिक प्रक्रिया के जरिये दोषी को दंडित करे."ये भी पढ़ें: मोदी सरकार के एक फैसले से चीन समेत 4 देशों को लग सकता है तगड़ा झटका!

सहकारी बैंक में कुल कितनी रकम जमा है
आरबीआई ने इन मामलों पर कार्रवाई का विवरण देने से इनकार करते हुए कहा, "यह आंकड़े आसानी से उपलब्ध नहीं है." इसमें कहा गया है कि देशभर के कुल 1,544 शहरी सहकारी बैंकों में 31 मार्च 2019 तक कुल 4.84 लाख करोड़ रुपये जमा थे. इनमें सबसे ज्यादा तीन लाख करोड़ रुपये महाराष्ट्र के 496 बैंकों में जमा हैं. इसी तरह, गुजरात में 55,102 करोड़ रुपये 219 शहरी सहकारी बैंकों में और कर्नाटक में 263 सहकारी बैंकों में 41,096 करोड़ रुपये जमा हैं.

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First published: January 27, 2020, 6:39 PM IST
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