कोरोना काल में उम्मीद की किरण: बिजली खपत बता रही है उद्योगों में सुधरने लगे हालात

यहां के उद्योगों में सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा कामकाज (File Photo)

काम पर लौटे 40.5 लाख औद्योगिक मजदूर, 82 प्रतिशत तक पहुंची इंडस्ट्रियल बिजली की खपत, कोरोना संकट के बीच राहत की खबर

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नई दिल्ली. कोरोना काल में कामकाज पटरी पर आने की एक सकारात्मक खबर है. इंडस्ट्री के हालात धीरे-धीरे सुधरने लगे हैं. ऐसे में उम्मीद करनी चाहिए कि अगले कुछ माह में बेरोजगारी (Unemployment rate) की दर भी कम होगी. दिल्ली से सटे हरियाणा के दो प्रमुख औद्योगिक शहरों में बढ़ रही बिजली की खपत बता रही है कि फैक्ट्रियों में कामकाज चल रहा है. कुछ उद्योगपति मैन पावर की कटौती के लिए यह कह सकते हैं कि काम पहले जैसा नहीं है, लेकिन कोई भी इंडस्ट्री यूं ही बिजली की खपत नहीं करेगी.

फरीदाबाद में ज्यादातर कंपनियां ऑटोमोइल सेक्टर (Automobile sector) से जुड़ी हुई हैं. यहां पर जून 2019 में औद्योगिक बिजली की खपत 1306 लाख यूनिट थी. जबकि इस साल 1148 लाख यूनिट खर्च हुई है. मतलब साफ है कि पिछले साल के मुकाबले कंपनियों में इस साल 70 फीसदी से अधिक काम चल रहा है.

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साइबर सिटी गुरुग्राम की बात करें तो यहां जून 2019 में करीब 15 करोड़ यूनिट बिजली की खपत उद्योगों में हुई थी. जबकि इस साल 11.5 करोड़ से कुछ अधिक हुई है. बिजली का खर्च इंडस्ट्री चलने का सबसे बड़ा इंडीकेटर है. गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई उद्योगों में 12-12 घंटे की शिफ्ट चल रही है.

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बिजली की खपत अब बढ़ने लगी है (प्रतीकात्मक तस्वीर)


पूरे हरियाणा की बात करें तो यहां पर औद्योगिक क्षेत्र में बिजली (Industrial electricity) की खपत लगभग 82 प्रतिशत तक पहुंचने लगी है. हरियाणा में फरीदाबाद, गुरुग्राम के अलावा अंबाला, पानीपत, सोनीपत, रेवाड़ी और यमुना नगर औद्योगिक स्टेट हैं.

दोबारा काम पर लौटने लगे मजदूर


महाराष्ट्र जैसे प्रदेशों के मुकाबले हरियाणा में काफी कम महज 15,509 कोरोना पॉजिटिव (Corona cases) केस हैं. इसलिए यहां आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाना अपेक्षाकृत आसान है. हरियाणा के सीएम कार्यालय का दावा है कि औद्योगिक मजदूर दोबारा काम पर लौट रहे हैं. अब तक 40.5 लाख मजदूर काम पर आ चुके हैं. वैट कलेक्शन भी 75 फीसदी पर पहुंच गया है.

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इस माह के अंत तक सामान्य हो सकते हैं हालात

आईएम एसएमई ऑफ इंडिया के चेयरमैन राजीव चावला का कहना है कि हरियाणा में कोरोना केस अपेक्षाकृत कम होने की वजह से ही यहां के उद्योग तेजी से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं. जुलाई के अंत तक काफी उद्योग सामान्य या उससे अधिक काम करने लग जाएंगे. सबकुछ ठीक चला तो अक्टूबर तक इतना प्रोडक्शन हो जाएगा कि उद्योग पिछले साल जैसी स्थिति पर आ जाएंगे.

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