देश में 90 फीसदी तक सस्ती हुईं 42 कैंसर रोधी दवाएं, मरीजों के बचे 984 करोड़ रुपये

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत में 42 कैंसर रोधी दवाओं के दाम में बड़ी गिरावट आई है. इसमें NPPA की अहम भूमिका है. NPPA से 526 ब्रांड की दवाओं में 90 फीसदी तक की गिरावट आई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 7, 2020, 1:55 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने कहा है कि कैंसर रोधी दवाओं की कीमतों को कम करने के लिए फरवरी 2019 में शुरू किए गए प्रयास के उम्मीद से कहीं बढ़कर अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं. लोक हित में अपनी असाधारण शक्ति का इस्तेमाल करते हुए NPPA ने 42 कैंसर रोधी दवाओं पर पाइलट परियोजना के आधार पर व्यापार मुनाफा तार्किक कारण शुरू किया था. इसका उद्देश्य कैंसर से पीड़ित मरीजों को सस्ती दर पर स्वस्थ्य सेवा उपलब्ध कराना था.

NPPA द्वारा जारी अधिसूचना के क्रियान्वयन के बाद दवा निर्माताओं से जो प्रतिक्रियाएं मिली हैं उनके आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि 526 ब्रांड की 42 कैंसर रोधी दवाओं की कीमतों में 90% तक की कमी आई है.

इन दवाओं के दाम में भी बड़ी गिरावट
उदाहरण के तौर पर Birlotib ब्रांड के अंतर्गत निर्मित 150 mg की Erlotinib औषधि की कीमत 9,999 रुपये से घटकर 891.79 रुपये हो गई, जो 91.08% की गिरावट है. इसी तरह से 500 mg का Pemetrexed इंजेक्शन जिसे Pemestar 500 के ब्रांड से बेचा जाता था, उसकी कीमत 25,400 से घटकर 2509 रुपये हो गई, जो कि 90% की गिरावट है. 20,000 रुपये से अधिक कीमत वाली चिन्हित की गई 124 दवाइयों में से अब तक 62 ने ही बदलाव किए हैं.
यह भी पढ़ें: धनतेरस-दिवाली से पहले सस्ते में सोना खरीदने का मौका दे रही सरकार, डिस्काउंट समेत मिल रहे कई फायदे



कैंसर मरीजो को 984 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिली
इस पाइलट योजना के क्रियान्वयन से कैंसर मरीजों (Cancer Patients) के 984 करोड़ रुपये बचाए जा सके हैं. ऑल इंडिया ड्रग एक्शन नेटवर्क (AIDAAN) ने भी जनहित में कैंसर रोधी दवाओं के मुनाफे की सीमा निर्धारण का NPPA द्वारा लिए गए फैसले की प्रशंसा की है. आज भी भारत सहित पूरी दुनिया में गैर संचारी और लंबी बीमारी से होने वाली मौतों में कैंसर सबसे प्रमुख रोगों में से एक है.

अगले 20 साल में दोगुनी हो जाएगी भारत में कैंसर मरीजों की संख्या
एनपीपीए ने कहा कि विश्व स्वस्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार सबसे ज़्यादा मौतों के मामले में कैंसर विश्व में दूसरे स्थान पर आता है. वर्ष 2018 में विश्व में तकरीबन 18 मिलियन कैंसर के मामले सामने आए थे, जिसमें 1.5 मिलियन अकेले भारत में थे. 2018 में ही विश्व में कैंसर के चलते होने वाली 9.5 मिलियन मौतों की तुलना में भारत में 0.8 मिलियन मौतें हुई थीं. भारत में वर्ष 2040 तक नए रोगियों की संख्या दोगुनी होने की आशंका जताई जा रही है.

यह भी पढ़ें: भारत-अमेरिका व्यापार: अगर बाइडन बने राष्ट्रपति तो कैसा रहेगा दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध

PM-JAY के जरिए गरीब परिवारों को मिल रही मदद
आयुष्मान भारत के अंतर्गत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) का क्रियान्वयन किया जा रहा है ताकि बीमारी की चपेट में आए गरीब परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके. इसके अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का स्वस्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज