आज से 45 फीसदी अर्थव्यवस्था हो जाएगी रिस्टार्ट! इन सेक्टर्स में शुरू होगा काम

पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्‍स (पीएमआई) मैन्‍युफैक्‍चरिंग और सर्विस सेक्‍टर की आर्थिक सेहत को मापने का एक इंडिकेटर है.
पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्‍स (पीएमआई) मैन्‍युफैक्‍चरिंग और सर्विस सेक्‍टर की आर्थिक सेहत को मापने का एक इंडिकेटर है.

20 अप्रैल से कई सेक्टर्स में काम शुरू हो जाएगा. इन सेक्टर्स में करीब 65 फीसदी लोग काम करते हैं. माना जा रहा है कि करीब 45 फीसदी इकोनॉमिक एक्टिविटी फिर से शुरू हो जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2020, 12:03 AM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन के दूसरे फेज के ऐलान करने के ​साथ ही कहा था कि 20 अप्रैल से कुछ जगहों पर इकोनॉमिक एक्टिविटी शुरू किया जाएगा. इसको लेकर 17 अप्रैल को केंद्र सरकार ने गाइडलाइंस भी जारी कर दिया है. इसके बाद अब कई सेक्टर्स में एक बार फिर से काम शुरू कर दिया जाएगा. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जिन सेक्टर्स में सरकार ने काम करने की इजाजत दी है, उनमें 65 फीसदी लोग काम करते हैं. माना जा रहा है कोरोना वायरस संकट की वजह से बंद अर्थव्यवस्था का 45 हिस्सा 20 अप्रैल से शुरू हो जाएगा.

शुरू होगा इन सेक्टर्स में काम
अंग्रेजी के अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि देश की कुल जीडीपी में 34.64 फीसदी योगदान एग्रीकल्चर सेक्टर का है. ऐसे में सरकार की ओर से फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस सर्विस, मछलियों का खाना, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग, कॉमर्शियल एक्वेरियम, मत्स्य उत्पाद, फिश सीड, चाय, कॉफी, रबर, काजू की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, दूध का कलेक्शन, प्रोसेसिंग, मक्का की मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रिब्यूशन का काम शुरू होने की उम्मीद है.

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को होगा फायदा


इस रिपोर्ट में एग्रीकल्चर पॉलिसी एक्सपर्ट देवेंद्र शर्मा के हवाले से लिखा गया है कि लॉकडाउन 2.0 में खेती और उससे जुड़ी सेवाएं को शुरू करने से 50 फीसदी लोगों को काम मिलेगा क्योंकि आधी से ज्यादा आबादी खेती पर निर्भर करती है. मौजूदा समय में सरकार रबी फसल की खरीदारी कर रही है. इससे किसानों के पास पैसा आएगा तो खरीदारी बढ़ेगी जो पूरी अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर होगा. हालांकि, किसानों को हुए नुकसान की भरपाई का कोई रास्ता नज़र नहीं आ रहा है.

IT ऑफिस भी खुलने की संभावना
इसके अलावा सरकार ने डेटा, कॉल सेंटर और आईटी ऑफिस खोलने के लिए मंजूरी दी है. साथ ही इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मोटर मैकेनिक, कारपेंटर, कुरियर, डीटीएच और केबल सेवा देने वाले कर्मी भी अपनी सेवाएं शुरू कर पाएंगे.

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जरूरी सामान बनाने वाली इंडस्ट्री जैसे चिकित्सा उपकरण, आईटी हार्डवेयर, खनन, जूट उद्योग से जुड़ी कंपनियों भी उत्पादन शुरू कर सकती है. रिपोर्टस के मुताबिक, जीडीपी में इनका योगदना 16.57 फीसदी है.

इस पूरे मामले को लेकर कैट के महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने अखबाार को बताया कि रिटेल की दुकानों को लॉकडाउन 2.0 में छूट मिलने से सबसे ज्यादा फायदा पास को लेकर होगा. इससे पास लेना जरूरी नहीं रह जाएगा. इससे देशभर में करीब 20 से 25 लाख दुकानें खुल जाएंगी. वहीं, ई-कॉमर्स को छूट देने से कोरोना फैलने का खतरा बढ़ेगा.

रियल एस्टेट सेक्टर में भी काम होगा शुरू
रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर भी सरकार ने राहत दी है. रियल एस्टेट प्रोजेक्ट और सभी इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट में कंस्ट्रक्शन शुरू करने की मंजूरी मिल गई है. हालांकि, शहरी क्षेत्रों में भी सिर्फ उन्हीं को कंस्ट्रक्शन करने की छूट है, जहां साइट पर ही मजदूर उपलब्ध हैं. इससे प्रवासी कामगारों पर मंडरा रहा रोजगार का संकट काफी हद तक टल सकता है. आपको बता दें कि रियल एस्टेट सेक्टर का देश की जीडीपी में 7.74 फीसदी योगदान है.

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