PM गरीब कल्याण योजना: सिर्फ 75 रुपये में इस तरह मिल रहा 50 किलो चावल

PM गरीब कल्याण योजना: सिर्फ 75 रुपये में इस तरह मिल रहा 50 किलो चावल
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PM Garib Kalyan Ann Yojana)

कोरोना संकट (Coronavirus Pandemic) के दौरान गांवों और गरीबों की बड़ी मददगार बनकर उभरी है. जिसके भी पास राशन कार्ड (Ration Card) है उसे खाने-पीने की दिक्कत नहीं आने पा रही है.

  • Share this:
नई दिल्ली. मोदी सरकार (Government of India) की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PM Garib Kalyan Ann Yojana) कोरोना संकट के दौरान गांवों और गरीबों की बड़ी मददगार बनकर उभरी है. जिसके भी पास राशन कार्ड (Ration Card) है उसे खाने-पीने की दिक्कत नहीं आने पा रही है. गांवों में इस वक्त हर परिवार में औसतन पांच लोग हैं. ऐसे परिवारों को सिर्फ 75 रुपये देकर हर माह 50 किलो चावल और एक किलो चना या उसकी दाल मिल रही है. संकटकाल में कई परिवार इसे बेचकर खाने-पीने की दूसरी चीजें भी खरीद रहे हैं.

बिहार जैसे चुनावी राज्यों में यह योजना बीजेपी के लिए बड़ी मददगार बन सकती है. क्योंकि मुफ्त का राजनीतिशास्त्र हमेशा कारगर साबित होता रहा है. योजना के तहत परिवार के हर सदस्य के नाम पर प्रति माह पांच किलो चावल फ्री मिल रहा है. साथ ही प्रति सदस्य पांच-पांच किलो चावल सिर्फ तीन रुपये किलो के हिसाब से मिल रहा है. परिवार में सदस्य चाहे जितने हों पूरी यूनिट पर एक किलो दाल भी दी जा रही है.

ये भी पढ़ें: क्या खेती-किसानी पर बढ़ते संकट का संकेत है सिर्फ 3 लाख ट्रैक्टरों की ब्रिक्री?



कब शुरू हुई थी स्कीम-देश में कोराना वायरस की वजह से 24 मार्च को लॉकडाउन का एलान किया गया था, जिसके बाद 26 मार्च को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज (गेहूं या चावल) और प्रति परिवार एक किलो चना मुफ्त देने की घोषणा की थी. उस समय इसे अप्रैल से जून तीन महीने तक के लिए लागू किया गया था.
बिना राशन कार्ड धारकों को भी अब इस तरकीब के जरिए मुफ्त में मिलेगा 5 किलो अनाज और चावल.how to get free Ration, without ration cards get ration, without ration card get ration, get free rice, ration card, ration card, ration card online,how to apply Ration card, Ration card benefits, One Nation One Ration card, ration cards online registration, PM Garib Kalyan Ann Yojana, one nation one ration card scheme, one nation one ration card benefits, one nation one ration card, pm modi, locdown, pds, वन नेशन वन राशन कार्ड, वर्तमान में यह करीब 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है, वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम क्या है, वन नेशन वन राशन कार्ड के फायदे, वन नेशन वन राशन कार्ड का क्या मतलब, वन नेशन वन राशन कार्ड, राशन कार्ड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन बिना राशन कार्ड,बिना राशन कार्ड वालों को कैसे मिलेगा राशन, मुफ्त,राशन कार्ड, राशन कार्ड
जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनको भी 5 किलो मुफ्त गेंहू या चावल और एक किलो चना दिया जाएगा.


ग्रामीण अर्थव्यवस्था के जानकार पुष्पेंद्र सिंह कहते हैं कि निश्चित तौर पर यह योजना गांवों और गरीबों के लिए बड़े काम की साबित हुई है. इससे गरीबों की जीविका चल रही है. लेकिन सरकार को इससे जुड़े भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की भी जरूरत है ताकि सभी जरूरतमंदों तक सस्ता अनाज पहुंचे.

डेढ़ लाख करोड़ रुपये आएगा खर्च-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80 करोड़ गरीबों के लिए चल रही इस योजना को नवंबर तक बढ़ा दिया है. मार्च से नवंबर तक इस योजना पर करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे. पूरा खर्च केंद्र सरकार उठा रही है, लेकिन अनाज वितरण राज्य सरकारों द्वारा किया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें: चीन की चालबाजियों से इस तरह बचाई गईं थीं भारतीय धान की देसी किस्में 

2 और 3 रुपये किलो है रेट -मार्केट में गेहूं की कीमत 27 रुपये किलो है, जो राशन दुकानों के माध्यम से दो रुपये किलो की रियायती दर पर दिया जा रहा है. चावल औसतन 37 रुपये किलो है, लेकिन राशन की दुकानों के जरिए इसे तीन रुपये किलो की दर पर दिया जा रहा है.



राजनीति में काफी काम आएगी स्कीम-बिहार चुनाव में बीजेपी इसे बड़ा चुनावी हथियार बना सकती है. जब इसे नवंबर तक बढ़ाया गया था तब इसके आरोप भी लगे थे. बिहार में इस योजना के 8 करोड़ 71 लाख लाभार्थी हैं. जब पीएम मोदी ने इसे नवंबर तक बढ़ाने का एलान किया तो उसके तुरंत बाद पश्च‍िम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की कि उनके राज्य में जून 2021 तक गरीबों को मुफ्त राशन दिया जाएगा. वहां 2021 में विधानसभा चुनाव होना है. बीजेपी को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये देने से भी काफी सियासी फायदा मिला है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज