महाराष्ट्र सरकार ने ट्रांसपोर्टर्स को दी बड़ी राहत, व्हीकल टैक्स पर 50% की छूट

महाराष्ट्र सरकार ने ट्रांसपोर्टर्स को दी बड़ी राहत, व्हीकल टैक्स पर 50% की छूट
प्रतीकात्मक तस्वीर

सरकारी प्रस्ताव में कहा गया है कि इस छूट का लाभ मालवाहक वाहनों (goods vehicles), पर्यटक वाहनों (tourist vehicles,), निजी सेवा वाहनों (private service vehicles), उत्खनन वाहनों (excavators), वाणिज्यिक कैंपर वाहनों (commercial camper vehicles) और स्कूल बस (school buses/vehicles) आदि को मिलेगा.

  • Share this:
मुंबई. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने 2020-21 के लिए वाणिज्यिक वाहनों (Commercial Vehicles) को वाहन कर (Vehicle Tax) पर 50 फीसदी छूट देने का सरकारी स्वीकृत प्रस्ताव मंगलवार को जारी किया. हालांकि, उद्योग प्रतिनिधियों और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के अधिकारियों ने कहा कि यह छूट किस तरह दी जाएगी, अभी यह स्पष्ट नहीं है. सरकारी प्रस्ताव में कहा गया है कि इस छूट का लाभ मालवाहक वाहनों (goods vehicles), पर्यटक वाहनों (tourist vehicles,), निजी सेवा वाहनों (private service vehicles), उत्खनन वाहनों (excavators), वाणिज्यिक कैंपर वाहनों (commercial camper vehicles) और स्कूल बस (school buses/vehicles) आदि को मिलेगा.

इस संबंध में राज्य मंत्रिमंडल की पिछले महीने 26 अगस्त की बैठक में निर्णय किया गया था. संकल्प के मुताबिक इस छूट का लाभ उठाने के लिए वाहन मालिक का 31 मार्च 2020 तक पिछले वित्त वर्ष का पूरा कर अदा होना चाहिए. यह छूट एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक के लिए होगी. राज्य सरकार ने कहा कि इससे सरकारी खजाने पर 700 करोड़ रुपये का दबाव पड़ेगा.

यह भी पढ़ें- गांव में अपने पड़ोस की राशन वाली दुकान से निकाल सकेंगे कैश, लगेगा ATM



माफ किया 6 महीने का टैक्स
इससे पहले, महाराष्ट्र सरकार ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर को राहत देने का फैसला किया था. सरकार 1 अप्रैल से महाराष्ट्र में सभी ट्रांसपोर्टर और कॉमर्शियल वाहनों के मालिकों द्वारा दिए जाने वाले सालाना रोड टैक्स (Road Tax) को छह महीने के लिए माफ करने का ऐलान किया था. महाराष्ट्र में 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक वाणिज्यिक और माल वाहनों के लिए टैक्स में राहत दी गई है. सरकार के इस फैसले से राज्य में रजिस्टर्ड 11.41 लाख से अधिक वाहनों को राहत मिलने की उम्मीद है. इनमें टूरिस्ट टैक्सी, पैसेंजर व्हीकल, स्कूल और लग्जरी बसें, ट्रक, डंपर जैसे वाहन शामिल हैं. सरकार के इस कदम से खजाने पर 700 करोड़ रुपये से ज्यादा का बोझ पड़ेगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज