देश में वंदे भारत ट्रेन बनाने के लिए इन कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी, एक चीनी ज्वाइंट वेंचर भी शामिल

देश में वंदे भारत ट्रेन बनाने के लिए इन कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी, एक चीनी ज्वाइंट वेंचर भी शामिल
वंदे भारत ट्रेन (File Photo)

इंडियन रेलवे ने वंदे भारत (Vande Bharat) ट्रेन के 44 रेक तैयार करने लिए आज टेंडर फ्लोट तैयार किया था. इसमें कुल 6 कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई, जिसमें एक चीनी ज्वाइंट वेंचर भी शामिल है. 2023 तक 44 रेक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.

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नई दिल्ली. वंदे भारत ट्रेन (Vande Bharat Train) के 44 रेक तैयार करने के लिए आज इंडियन रेलवे टेंडर ने खोला था, जिसमें कुल 6 कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई. इनमें एक चीनी कंपनी की ज्वाइंट वेंचर इकलौती विदेशी कंपनी रही, जिसने इस टेंडर में दिलचस्पी दिखाई. चीन की इस कंपनी का नाम CRRC योन्गजी इलेक्ट्रिक कंपनी लिमिटेड है, जिसने गुरुग्राम की पायनियर फिल्म्ड प्राइवेट लिमिटेड के साथ 2015 में ज्वाइंट वेंचर खोला था. इस ज्वाइंट वेंचर का नाम CRRC Pioneer Electric (India) Private Limited है.

रेलवे के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई, ने वंदे भारत ट्रेनों के 2023 तक 44 रेकों के लिए टेंडर फ्लोट किया था. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा, 'ट्रेन सेट टेंडर के लिए हमें 6 बोली प्राप्त हुई है.'

इन कंपनियों ने भी पेश की दावेदारी
उपरोक्त ज्वाइंट वेंचर के अलावा जिन अन्य 5 कंपनियों ने रुचि दिखाई, उसमें सरकारी कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भारत इंडस्ट्रीज, इलेक्ट्रोवेव्स इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, मेधा सर्वो ड्राइव्स प्राइवेट लिमिटेड, पावरनेटिक्स इक्विपमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड हैं. रेल मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी है.
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पीएम मोदी ने पहली वंदे भारत ट्रेन को ​दिखाई थी हरी झंडी
बता दें कि पिछले साल ही फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ​नई दिल्ली-वाराणसी रूट के लिए देश के पहले वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी. इसके बाद दूसरी वंदे भारत ट्रेन नई दिल्ली और श्री माता वैष्णोदेवी कटरा के लिए चलाई गई. इस ट्रेन को गृह मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर को हरी झंडी दिखाई थी.

पिछले सप्ताह ही रेल मंत्रालय ने प्राइवेट कंपनियों को 109 रूटों पर प्राइवेट ट्रेन चलाने के लिए औपचारिक प्रोसेस शुरू किया था. इसके साथ ही भारतीय रेल के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब प्राइवेट कंपनियों की साझेदारी बढ़ेगी.

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चीनी फर्म्स द्वारा प्राइवेट ट्रेनों के टेंडर बिड में भाग लेने को लेकर रेलवे बोर्ड चेयरमैन यादव ने कहा था, 'जहां तक चीनी कंपनियों द्वारा इस टेंडर में भाग लेने की बात है तो मेक इन इंडिया पॉलिसी के तहत कुछ गाइडलाइंस हैं, जिसे डिपार्टमेंट फॉर प्रोमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड ने तैयार किया है. हम इसे ही फॉलो करेंगे.' (दिपाली नंदा, CNBC आवाज़)
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