बारिश का महीना रेलवे के लिए लाया खुशखबरी, समय पर दौड़ रही हैं 78 फीसदी ट्रेनें

पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर में हो रही बारिश और बाढ़ की वजह से रेलवे को करीब 50 ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं. इसकी वजह से रूट पर कंजेशन कम हो गया है और ट्रेनों को खाली ट्रैक मिल रहा है.

Chandan Kumar | News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 2:23 PM IST
बारिश का महीना रेलवे के लिए लाया खुशखबरी, समय पर दौड़ रही हैं 78 फीसदी ट्रेनें
बारिश के महीने में 78 फीसदी ट्रेनें समय पर चल रही हैं.(फाइल फोटो)
Chandan Kumar | News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 2:23 PM IST
बारिश का महीना भारतीय रेल के लिए साल की सबसे अच्छी खबर लेकर आया है. इन दिनों भारतीय रेल की पंक्चुअलिटी करीब 78 फीसदी हो गई है. यानि रेलवे की 78 फीसदी ट्रेनें अपने समय पर चल रही हैं और वो लेट नहीं हो रही हैं. यह आंकड़ा इस साल का सबसे अच्छा आंकड़ा है. भारतीय रेल ने समय पर ट्रेनें चलाने का यह रिकॉर्ड बीते 16 जुलाई को बनाया है.

इस कारण हो रहा है फायदा
दरअसल, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर में हो रही बारिश और बाढ़ की वजह से रेलवे को करीब 50 ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं. इसकी वजह से रूट पर कंजेशन कम हो गया है और ट्रेनों को खाली ट्रैक मिल रहा है. इसकी दूसरी वजह यह भी है कि बारिश के दौरान इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस से जुड़े काम भी आमतौर पर नहीं हो पाते हैं. ट्रैक पर ऐसे काम करने के लिए रेलवे की तरफ से ब्लॉक दिया जाता है और उस दौरान ट्रैक पर कोई ट्रेन नहीं चलाई जाती है, जिससे ट्रेनें खड़ी रहती हैं और लेट हो जाती हैं।

पिछले 5 दिनों के आंकड़े

17 जुलाई को रेलवे की पंक्चुअलिटी रही 77 प्रतिशत.
16 जुलाई को 78 प्रतिशत ट्रनें समय पर चलीं.
15 जुलाई को 75 प्रतिशत ट्रेनें समय पर चलीं.
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14 जुलाई को 74 प्रतिशत ट्रेनें समय पर चलीं.
13 जुलाई को 71 प्रतिशत ट्रेनें समय पर चलीं.


यहां हैं सबसे खराब हालत
पंक्चुअलिटी के लिहाज से सबसे घटिया रिकार्ड की बात करें तो नॉर्थ सेंट्रल रेलवे में महज़ 57 फीसदी ट्रेनें समय पर चल पाती हैं. रेलवे का इलाहाबाद, आगरा और झांसी डिविजन NCR जोन के अंदर आता है. जबकि घटिया प्रदर्शन के मामले में साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे दूसरे नंबर पर आता है और इसकी पंक्चुअलिटी करीब 61 फीसदी है. SECR में रेलवे के बिलासपुर, रायपुल और नागपुर डिविज़न आते हैं.

ऐसा है नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे का हाल
जबकि नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे के वाराणसी डिविजन में 375 ट्रेनें और नॉर्दर्न रेलवे के लखनऊ डिविजन में करीब 785 ट्रेनें हर हफ़्ते लेट हो जाती हैं. इन दोनों ही मंडलों का रिकॉर्ड फिलहाल सबसे घटिया है और ये 50 फीसदी से भी कम ट्रेनें समय पर चला पाते हैं.

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First published: July 18, 2019, 12:56 PM IST
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