केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर! DA बहाली के बाद फिटमेंट फैक्टर का क्या होगा सैलरी पर असर, जानें यहां

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर

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जुलाई में केंद्रीय कर्मचारियों के खाते में यह भत्ता ट्रांसफर किया जा सकता है. बता दें यह महंगाई भत्ता सातवें वेतन आयोग (7th pay Commission) के तहत दिया जाना है.

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नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों (Central Govt Employee) के लिए जरूरी खबर है. केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के चलते महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) को रोक दिया था, लेकिन इसको जल्द ही देने का प्लान बनाया जा रहा है. जुलाई में केंद्रीय कर्मचारियों के खाते में यह भत्ता ट्रांसफर किया जा सकता है. बता दें यह महंगाई भत्ता सातवें वेतन आयोग (7th pay Commission) के तहत दिया जाना है. इस DA के बीच में एक ध्यान देने वाली बात फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) की है.

केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी तय करने में फिटमेंट फैक्टर (7th CPC fitment factor) का एक अहम योगदान होता है. फिटमेंट फैक्टर लगने की वजह से ही केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी सीधे 6000 रुपए से 18000 रुपये पहुंच गई थी. आपको बता दें केंद्रीय कर्मचारियों के सातवें वेतन आयोग के वेतन मैट्रिक्स (pay matrix) और सातवें सीपीस सैलरी का निर्धारण इस तरह से किया जाएगा किसी कर्मचारी के DA और सातवें सीपीस बेसिक वेतन का भी अहम योगदान होगा.

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3 किस्ते हैं लंबित
केंद्र सरकार के पास कर्मचारियों के डीए की तीन किस्तें लंबित हैं, जिसका भुगतान सरकार द्वारा किया जाना है. कर्मचारियों और पेंशनर्स का 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 का डीए और डीआर लंबित है. केंद्रीय कर्मचारियों का 1 जून 2020 से तीन DA की किस्तों का भुगतान होना है, जिसे केंद्र सरकार ने 30 जून 2021 तक फ्रीज कर दिया था.

उदाहरण से समझें

7वें वेतन आयोग फिटमेंट फैक्टर लागू होने से कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा होगा. शिव गोपाल मिश्रा ने एक उदाहरण के जरिए समझाते हुए कहा कि अगर किसी केंद्रीय कर्मचारी का मासिक वेतन 20,000 रुपये है तो नए नियमों के लागू होने पर उसका मासिक वेतन 51,400 (2000x2.57) रुपये होगा. इसके बाद DA, TA ,मेडिकल रिमबरसेंट जैसे भत्ते की गणना की जाएगी. इसके बाद मंथली बेसिक पे और कुल भत्ते मिलकर किसी कर्मचारी को हर महीने मिलने वाला वेतन होगा.



उन्होंने आगे कहा कि बेसिक सैलरी किसी कर्मचारी के कुल मासिक सैलरी का करीब 50 फीसदी होता है. इस तरह अगर कोई केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी अगर 20 हजार रुपये है तो उसकी ग्रॉस मंथली सैलरी करीब 1,02,800 (51,400x2) रुपये होगी.

इसके बाद इस सैलरी पर मंथली PF कंट्रीब्यूशन, सोर्स पर इनकम टैक्स आदि कटौती की जाएगी. उसके बाद कर्मचारी के हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी का निर्धारण होगा.

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क्या होता है फिटमेंट फैक्टर? (Fitment Factor)

7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर 2.57 है. केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी तय करते समय, भत्तों के अलावा जैसे महंगाई भत्ता (DA), यात्रा भत्ता (TA), हाउस रेंट अलाउंट (HRA) कर्मचारी की बेसिक सैलरी को 7वें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर 2.57 से गुणा करके निकाला जाता है.

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