महज 73 रुपये में बिकी अरबों डॉलर की कंपनी, ऐसे डूबा इस बिजनेस टायकून का बिजनेस

यूएई के बिजनेसमैन बीआर शेट्‌टी (फाइल फोटो)

यूएई के बिजनेसमैन बीआर शेट्‌टी (फाइल फोटो)

बीआर शेट्‌टी की कंपनी फिनाब्लर (Finbler) ने इजराइल के प्रिज्म ग्रुप (Prism group) की सहयोगी कंपनी ग्लोबल फिनटेक इन्वेस्टमेंट्स होल्डिंग (GFIH) के साथ समझौता किया है. जो फिनाब्लर लिमिटेड की सारी संपत्ति खरीदेंगी.

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  • Last Updated: December 19, 2020, 3:56 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय मूल के यूएई बिजनेसमैन बीआर शेट्‌टी को अपना पूरा कारोबार महज 73 रुपये में बेचना पड़ रहा है. बीआर शेट्‌टी की कंपनी फिनाब्लर पीएलसी को इजराइल के प्रिज्म ग्रुप की सहयोगी कंपनी GFIH खरीद रही है. आपको बता दें बीआर शेट्‌टी की कंपनी फिनाब्लर एक फ़ाइनेंशियल सर्विस कंपनी थी. जो एक समय फ़ाइनेंशियल सर्विस में यूएई की जानीमानी कंपनी थी. लेकिन बीते साल से बीआर शेट्‌टी के कुछ गलत फ़ैसलों ने उनके उपर अरबों डाॅलर का भारी भरकम कर्ज कर दिया. बल्कि उनके खिलाफ फर्जीवाड़े का आरोप भी लगा. जिसकी जांच फिलहाल चल रही है. वहीं ऐसी स्थिति में फिनाब्लर की मार्केट वेल्यू भी पिछले साल दिसंबर में केवल 2 बिलियन डालर रह गई.

इजराइल के प्रिज्म ग्रुप की सहयोगी कंपनी से किया समझौता- बीआर शेट्‌टी की कंपनी फिनाब्लर ने इजराइल के प्रिज्म ग्रुप की सहयोगी कंपनी ग्लोबल फिनटेक इन्वेस्टमेंट्स होल्डिंग के साथ समझौता किया है. जो फिनाब्लर लिमिटेड की सारी संपत्ति खरीदेंगी. आपको बता दें इस समझौते को कराने के लिए प्रिज्म ग्रुप ने अबू धाबी के रॉयल स्ट्रेटेजिक पार्टनर्स के साथ एक कंजोर्टियम का गठन किया है.

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फिनाब्लर पर है इतने बिलियन डाॅलर का कर्ज- कंपनी के द्वारा साझा की गई रिपोर्ट के अनुसार 1 बिलियन डाॅलर से ज्यादा का कर्ज बकाया है. वहीं पिछले साल दिसंबर में कंपनी की मार्केट वेल्यू 2 बिलियन डाॅलर थी. वहीं इस समझौते को संयुक्त अरब अमीरात और इजराइल के बीच नए दोस्ताना रिश्तों के तौर पर भी देखा जा रहा है. आपको बता दें इससे पहले दोनों देशों के बीच कोई भी व्यावसायिक आदान प्रदान नहीं था. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के बाद दोनों देशों ने इस साल व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समझौता किया था.
ऐसे लगा था शेट्‌टी पर फर्जीवाड़े का आरोप- फिनाब्लर के अलावा शेट्‌टी की अबु धाबी में एक दूसरी कंपनी एमएमसी हेल्थ भी है. जिसके शेयरों में 70 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. इसके पीछे बड़ी वजह शेट्‌टी पर लगने वाले फर्जीवाड़े के आरोप बताए जाते है. ऐसे में पिछले साल अबु धाबी के स्टॉक एक्सचेंज ने उन की कंपनियों पर कारोबार करने की भी रोक लगा दी. ऐसे में शेट्‌टी की कंपनियों की साख बाजार में पूरी तरह से धूमिल हो गई और उनकी कंपनियों में कोई भी बिज़नेस मैन इंनवेंस्ट करने के लिए तैयार नहीं हुआ. ऐसे में दो देशों के बीच बने कंजोर्टियम ने साख खो चुकी कंपनी को लेने का फैसला किया है.

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शेट्‌टी ने ऐसे खड़ा किया था अपना साम्राज्य- हेल्थ केयर इंडस्ट्री में अपना दबदबा बनाने वाले 77 साल के शेट्‌टी 70 के दशक में महज 8 डॉलर लेकर यूएई पहुंचे थे. जहां उन्होंने 1970 में एनएमजी हेल्थ की शुरुआत की. जो आगे चलकर 2012 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज में भी लिस्ट हुई. वहीं शेट्‌टी ने 1980 में अमीरात के सबसे पुराने रेमिटेंस बिज़नेस यूएई एक्सचेंज की शुरुआती की. इसके अलावा शेट्‌टी ने फूड ऐंड बेवरेज, फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग तथा रियल एस्टेट में भी हाथ आज़माया.
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