अब बैंक खाते और मोबाइल कनेक्शन के लिए AADHAR जरूरी नहीं

लोकसभा में The Aadhar and Other Laws (Amendment) Bill, 2019 को पेश किया गया है.

News18Hindi
Updated: July 5, 2019, 9:50 AM IST
अब बैंक खाते और मोबाइल कनेक्शन के लिए AADHAR जरूरी नहीं
लोकसभा में The Aadhar and Other Laws (Amendment) Bill, 2019 को पेश किया गया है.
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Updated: July 5, 2019, 9:50 AM IST
लोकसभा में The Aadhar and Other Laws (Amendment) Bill, 2019 को पेश किया गया है. इस पर गुरुवार को लोकसभा में जोरदार बहस हुई. कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने आधार बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में कहा कि सरकार अध्यादेश का रास्ता अपना कर संसदीय लोकतंत्र को ठेस पहुंचा रही है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में हर 10 में 4 बिल अध्यादेश के जरिए लाए जा रहे हैं. चौधरी ने कहा कि आधार का करिश्मा आप न बताएं, आपने आधार को हमसे उधार लिया है और इसी के जरिए अपना आधार बना रहे हैं. डीबीटी कांग्रेस सरकार की देन हैं. आपको बता दें कि The Aadhar and Other Laws (Amendment) Bill अब Aadhar and Other Laws (Amendment) Ordinance, 2019 का स्थान लेगा. प्रस्तावित किए गए संशोधनों के मुताबिक कंपनी या फिर किसी भी संस्था की ओर से जबरदस्ती आप से आधार कार्ड नहीं मांग सकती है. ऐसा करने पर 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. साथ ही, हर दिन 10 लाख रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है. आधार का गलत इस्तेमाल दंडनीय है और इसके लिए 10 हजार रुपये तक का जुर्माना और साथ में तीन साल की कैद भी हो सकती है.

लोकसभा में हुई जोरदार बहस- टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आधार बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि मैं अपना प्राइवेट डाटा आधार के जरिए किसी प्राइवेज एजेंसी के हाथों में दे रही हूं तो इसका मतलब आपका ईकोसिस्टम फेल हो गया.

उन्होंने कहा कि डाटा प्रोटेक्शन एक्ट का क्या हुआ, इसके बिन आधार का डाटा सुरक्षित कैसे है. एक्ट के बिना अपना डाटा हम कैसे एक निजी कंपनी को दे सकते हैं.


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आपको बता दें कि कंपनी या फिर किसी भी संस्था की ओर से जबरदस्ती आप से आधार कार्ड नहीं मांग सकती है. ऐसा करने पर 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. साथ ही, हर दिन 10 लाख रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है. आधार का गलत इस्तेमाल दंडनीय है और इसके लिए 10 हजार रुपये तक का जुर्माना और साथ में तीन साल की कैद भी हो सकती है.

आइए जानें इसके बारे में...

(1) सरकार की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि इस फैसले के आधार पर अब रेग्युलेटर UIDAI को लोगों के हित में फैसले लेने और आधार के गलत प्रयोग को रोकने में मदद मिलेगी.

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(2) किसी भी व्यक्ति को आधार के जरिये अपनी पहचान प्रमाणित करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा.

(3) संसद की ओर से बनाए गए कानून के तहत कुछ मामलों में अपनी पहचान के लिए इसे पेश करना जरूरी होगा.

(4) बैंक खाता खोलने के लिए आधार दिखाना जरूरी नहीं होगा और मोबाइल सिम के लिए आधार देना अनिवार्य नहीं होगा. बारह अंकों के वास्तविक आधार नंबर की बजाय एक वर्चुअल आइडेंटिटी से भी अपनी पहचान प्रमाणित कर सकेंगे.

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(5) बच्चों को भी 18 साल के बाद अपना आधार नंबर रद्द कराने का अधिकार है.

(6) केंद्र और राज्य सरकार सिर्फ वहीं पहचान प्रमाणित करने के लिए आधार जरूरी कर सकती है, जहां अथॉरिटी द्वारा निर्धारित सुरक्षा संबंधी चिंताएं हों. यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया फंड के गठन का प्रस्ताव रखा गया है.

(7) आधार एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 1 करोड़ रुपये तक की सिविल पेनल्टी लगाई जा सकती है.

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First published: July 4, 2019, 3:54 PM IST
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