जल्‍द किफायती दर पर ईंधन-प्राकृतिक गैस मुहैया कराने की तैयारी में मोदी सरकार!

जल्‍द किफायती दर पर ईंधन-प्राकृतिक गैस मुहैया कराने की तैयारी में मोदी सरकार!
केंद्र सरकार जल्‍द देश में किफायती दरों पर नेचुरल गैस उपलब्‍ध कराने की तैयारियों में जुटी है.

केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने कहा कि जल्द ही सरकार प्राकृतिक गैस (Natural Gas) के परिवहन पर होने वाले खर्च को कम करने जा रही है. साथ ही किफायती बनाने के लिए उसके नए सिरे से मूल्य निर्धारण की समीक्षा (Pricing review) भी की जा रही है.

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नई दिल्‍ली. वो दिन दूर नहीं जब आपके आसपास मौजूद सूक्ष्म, लघु या मध्यम उद्योग (MSMEs) भी प्राकृतिक गैस से संचालित होंगे. अगर सब कुछ ठीक रहा तो आपके घर और वाहन में इस्तेमाल होने वाली प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की कीमतें भी काफी कम होंगी. दरअसल, हमारे रोजमर्रा के जीवन से लेकर उद्योग और आर्थिक गतिविधियां ऊर्जा संसाधनों से ही संचालित होती हैं. ऊर्जा की इस अहमियत को पहचानते हुए पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्राकृतिक गैस की न सिर्फ उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं बल्कि उसे आम नागरिकों और उद्योगों के लिए किफायती (Economical) बनाने के लिए उसके नए सिरे से मूल्य निर्धारण की समीक्षा (Pricing review) भी की जा रही है.

नेचुरल गैस की हिस्‍सेदारी होगी 15 फीसदी!
केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने कहा कि जल्द ही सरकार प्राकृतिक गैस के परिवहन पर होने वाले खर्च को कम करने जा रही है. इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने कई मोर्चों पर काम करना शुरू कर दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोलियम मंत्रालय और अंतरराष्‍ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के सेमिनार में कहा कि भारत एशिया में ऊर्जा आधारित विकास का नेतृत्व कर रहा है. कोविड-19 से पैदा हुई चुनौतियों के बीच भी मोदी सरकार पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने की दिशा में प्रयास कर रही है. आज देश के एनर्जी इकोसिस्टम में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी 6.3 प्रतिशत है. सरकार ने इसे 2030 तक बढ़ाकर 15 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है.

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प्राकृतिक गैस से कम हो जाएगी लागत


पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के आत्मनिर्भर भारत (Atamnirbhar Bharat) के आह्वान को अमलीजामा पहनाने के लिए देश में वस्तुओं के उत्पादन में आने वाली लागत को प्राकृतिक गैस के जरिये कम करने का प्रयास शुरू किया है. कई उद्योगों में लागत का बड़ा हिस्सा ऊर्जा खर्च के रूप में सामने आता है. इसके अलावा पेट्रोलियम मंत्रालय प्राकृतिक गैस के परिवहन लागत को भी किफायती बनाने पर काम कर रही है. प्राकृतिक गैस को जीएसटी के दायरे में लाने की दिशा में पेट्रोललियम मंत्रालय ने काम आगे बढा दिया है. सरकार देश के अलग-अलग हिस्सों मे एलएनजी टर्मिनल स्थापित करने जा रही है, जिससे देश के हर हिस्से में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता आसान हो सके.

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मंत्रालय कई मोर्चों पर कर रहा है काम
दुनिया भर के विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है. धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि उपभोक्ताओं के हित में गैस परिवहन की लागत को कम करने के लिए मूल्य निर्धारण की मौजूदा नीति की समीक्षा भी की जा रही है. सरकार को भरोसा है कि प्राकृतिक गैस की नई मूल्य संरचना (Tariff Structure) से एक ऐसा गैस बाजार विकसित हो] जो नया निवेश आकर्षित कर गैस ग्रिड को मजबूती देने की क्षमता रखता हो.
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