आत्मनिर्भर भारत 3.0 को सरकार ने बताया 2.65 लाख रुपये का पैकेज वहीं एक्सपर्ट्स का अनुमान 1.5 लाख करोड़ का, जानिए सच?

आत्मनिर्भर भारत 3.0 पैकेज को लेकर एक्सपर्ट्स और सरकार की अलग-अलग Calculation
आत्मनिर्भर भारत 3.0 पैकेज को लेकर एक्सपर्ट्स और सरकार की अलग-अलग Calculation

भारत सरकार ने गुरुवार को आत्मनिर्भर भारत 3.0 पैकेज (Aatmnirbhar 3.0) की घोषणा की. पैकेज में सरकार ने 2,65,080 करोड़ रुपये की 12 घोषणाएं की हैं. न्यूज 18 की सहयोगी वेबसाइट मनीकंट्रोल और स्वतंत्र विश्लेषकों द्वारा गणना से पता चलता है कि यह 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 13, 2020, 1:15 PM IST
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नई दिल्ली. सुस्ती से जूझ रही अर्थव्यवस्था (Economy) को उठाने और कोरोना वायरस (Coronavirus) से देश की आर्थिक स्थिति पर पड़े प्रभाव को कम करने के लिए भारत सरकार ने गुरुवार को आत्मनिर्भर भारत 3.0 पैकेज (Aatmnirbhar 3.0) की घोषणा की. पैकेज में सरकार ने 2,65,080 करोड़ रुपये की 12 घोषणाएं की हैं. न्यूज 18 की सहयोगी वेबसाइट मनीकंट्रोल और स्वतंत्र विश्लेषकों द्वारा गणना से पता चलता है कि यह 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक नहीं है. क्योंकि इसका एक प्राथमिक कारण सरकार ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए दूरसंचार, वाहन और औषधि समेत 10 क्षेत्रों के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपये की प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव योजना (Production-linked incentive scheme) है. इससे रोजगार और घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा. पहले इस योजना को तीन क्षेत्रों में शुरू किया गया था.

इन क्षेत्रों में खर्च होगी पैकेज की आधी राशि
बता दें कि सरकार द्वारा घोषित किए गये पैकेज को अगले पांच साल की अवधि में खर्च किया जाना है. इस हिसाब से 2020-21 में 29,000 करोड़ रुपये यानी कि चालू वित्त वर्ष में केवल 20 प्रतिशत ही खर्च किया जाएगा. यह अपने आप में काफी महत्वाकांक्षी है कि वित्त वर्ष खत्म होने में अभी चार महीने से भी कम समय बचा है. सरकार की यह रकम 10 क्षेत्रों में खर्च किए जाने की योजना है जिसमें शहरी क्षेत्रों में सभी के लिए आवास, ग्रामीण रोजगार, कोविड-19 वैक्सीन के लिए अनुसंधान और विकास अनुदान, औद्योगिक और घरेलू उपकरण प्रोत्साहन, एक्जिम बैंक के लिए समर्थन, उर्वरक सब्सिडी, राष्ट्रीय निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) में इक्विटी इनफ्यूजन और रोजगार योजना शामिल है.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
आर्थिक मामलों के सचिव तरुण बजाज ने मनीकंट्रोल को बताया, अतिरिक्त व्यय के लिए अतिरिक्त उधार नहीं लेना पड़ेगा जैसा कि केंद्र सरकार 12 लाख करोड़ रुपये की मौजूदा योजना के अनुसार उधार ले रही है. भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्या कांति घोष ने कहा, 'सरकार की इस घोषणा से राजकोषीय प्रभाव 1.5 लाख करोड़ रुपये से कम होगा.' वहीं, इंडिया रेटिंग को उम्मीद है कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज 3.0 का राजकोषीय प्रभाव 1 लाख करोड़ रुपये है. इस पैकेज का प्रमुख हिस्सा उत्पादन से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहन के लिए है जो समय की अवधि से अधिक होने की संभावना है. वित्तीय वर्ष 2021 में सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 0.5 प्रतिशत होने का अनुमान है.



प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव योजना अहम
इंडिया रेटिंग के ही अनुसार, प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव योजना मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था में निवेश बढ़ाने के लिए रियायतों के रूप में होगी. इस पैकेज से उर्वरक सब्सिडी 65,000 करोड़ रुपये होगी. इससे तय है कि उर्वरक सब्सिडी पर साल भर में 1.36 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा. वहीं, पीएम आवास योजना के तहत सभी शहरी क्षेत्रों के लिए आवास पर 18,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा. घरेलू रक्षा उपकरण विनिर्माण और औद्योगिक प्रोत्साहन पर 10,200 करोड़ रुपये खर्च होंगे. जबकि ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

शेष राशि इस क्षेत्रों में होगी खर्च
शेष 16,000 करोड़ रुपये एनआईआईएफ लोन प्लेटफॉर्म, रोजगार योजना, एक्जिम बैंक के लिए सहायता और कोविड वैक्सीन के लिए अनुसंधान और विकास के लिए अनुदान पर खर्च किए जाने की योजना है. वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार ने दावा किया कि अब तक प्रोत्साहन के रूप में 29.87 लाख करोड़ रुपये दिए हैं जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 15 प्रतिशत है.
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