अडाणी-टोटल पेट्रोल पंप लाइसेंस के लिये करेंगी आवेदन, मिलेगी ई-वाहनों की चार्जिंग सुविधा भी

अडाणी-टोटल पेट्रोल पंप लाइसेंस के लिये करेंगी आवेदन, मिलेगी ई-वाहनों की चार्जिंग सुविधा भी
अडाणी समूह देश में पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस का आवेदन करने जा रही है.

अडाणी गैस (Adani Gas) के सीईओ सुरेश मंगलानी ने कहा कि फ्रांस की कंपनी टोटल (Total) के साथ बनाया गया नया ज्‍वाइंट वेंचर केंद्र सरकार (Central Government) की नई ईंधन खुदरा लाइसेंस व्यवस्था के तहत आवेदन करेगा. केंद्र सरकार ने पिछले साल पेट्रोल पंप के लिये लाइसेंस जारी करने के नियमों में बदलाव किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 6, 2020, 9:36 PM IST
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नई दिल्‍ली. फ्रांस की पेट्रोलियम क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टोटल (Total) और भारत के अडाणी समूह (Adani Group) के बीच बना नया ज्‍वाइंट वेंचर जल्द ही भारत में पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस का आवेदन करेगा. अडाणी गैस के सीईओ सुरेश मंगलानी ने कंपनी के पहली तिमाही के परिणाम घोषित करते हुए बताया कि दोनों कंपनियों का संयुक्त उद्यम टोटल-अडाणी फ्यूल मार्केटिंग लिमिटेड (Total-Adani Fuel Marketing Ltd.) जल्द ही सभी तरह के वाहन ईंधनों के खुदरा बिक्री केंद्र खोलने के लिए आवेदन करेगा.

पेट्रोल, डीजल, गैस के साथ ही मिलेगी ई-वाहन चार्जिंग की सुविधा भी
टाटा (TATA) ने पिछले साल ही अरबपति कारोबारी गौतम अडाणी (Gautam Adani) की कंपनी अडाणी गैस में 37.4 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था. इसके साथ ही उसने दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ईंधन बाजार में कदम भी रख दिया था. मंगलानी ने कहा कि हम इस क्षेत्र में टोटल की मजबूती और अनुभव का पूरा फायदा उठाएंगे. उन्‍होंने कहा कि अडाणी गैस की सहायक कंपनी टोटल-अडाणी फ्यूल मार्केटिंग लिमिटेड अपने खुदरा केंद्रों पर पेट्रोल, डीजल, नैचुरल गैस के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (E-Vehicles) की चार्जिंग सुविधा भी उपलब्ध कराएगी.

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250 करोड़ रुपये नेटवर्थ वाली कंपनी कर सकती है लाइसेंस आवेदन  


मंगलानी ने कहा कि नया ज्‍वाइंट वेंचर केंद्र सरकार (Central Government) की उदार ईंधन खुदरा लाइसेंस व्यवस्था के तहत आवेदन करेगी. केंद्र सरकार ने पिछले साल पेट्रोल पंप के लिये लाइसेंस जारी करने के नियमों में बदलाव करते हुये 250 करोड़ रुपये नेटवर्थ वाली कंपनियों को लाइसेंस आवेदन की अनुमति दे दी थी. इससे पहले केवल उन्हें कंपनियों को ईंधन की खुदरा बिक्री की अनुमति दी जाती थी, जिन्‍होंने हाइड्रोकार्बन की खोज या उत्पादन, रिफाइनिंग, पाइपलाइन नेटवर्क या एलएनजी टर्मिनल स्थापित करने के क्षेत्र में 2,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है.
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