अडाणी समूह के पास होगी मुंबई एयरपोर्ट की नियंत्रक हिस्सेदारी, गौतम अडाणी ने किया ट्वीट

अडाणी समूह के पास होगी मुंबई एयरपोर्ट की नियंत्रक हिस्सेदारी, गौतम अडाणी ने किया ट्वीट
मुंबई एयरपोर्ट

अडाणी समूह (Adani Group) ने सोमवार को शेयर बाजारों को जानकारी दी है कि मुंबई हवाईअड्डे (Mumbai Airport) में वह नियंत्रक हिस्सेदारी खरीदेगा. कंपनी ने सोमवार को कहा कि मुंबई हवाईअड्डे में मौजूदा प्रवर्तक जीवीके समूह (GVK Group) की हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 31, 2020, 9:14 PM IST
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नई दिल्ली. अडाणी समूह मुंबई हवाईअड्डे (Mumbai Airport) में नियंत्रक हिस्सेदारी खरीदेगा. अरबपति उद्योगपति गौतम अडाणी की अगुवाई वाले समूह ने सोमवार को कहा कि वह करार के तहत मुंबई हवाईअड्डे में मौजूदा प्रवर्तक जीवीके समूह (GVK Group) की हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगा. इसके अलावा वह छोटे भागेधारों की हिस्सेदारी भी खरीदेगा.

शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा गया है कि अडाणी समूह मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लि़. (मायल) में जीवीके एयरपोर्ट डेवलपर्स लि. की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के अलावा एयरपोर्ट्स कंपनी ऑफ साउथ अफ्रीका (ACSA) तथा बिडवेस्ट ग्रुप की 23.5 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी करेगा. इसके लिए उसे प्रतिस्पर्धा आयोग की स्वीकृति मिल गयी है. मायल में 74 प्रतिशत नियंत्रक हिस्सेदारी के अधिग्रहण के साथ अडाणी समूह देश का सबसे बड़ा निजी हवाईअड्डा परिचालक हो जाएगा.

इक्विटी में भी होगा बदलाव
समूह सरकार की ओर से निकाली गई निविदा में पहले ही छह गैर-महानगरों के हवाईअड्डों के परिचालन का अधिकार हासिल कर चुका है. देश के ज्यादातर हवाईअड्डों का परिचालन सार्वजनिक क्षेत्र का भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) करता है. सूचना में कहा गया है कि अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लि. (AAHL) ने मायल में जीवीके एयरपोर्ट डेवलपर्स लि. (ADL) के ऋणों ककी जिम्मेदारी लेने का करार किया है. इस ऋण को परस्पर सहमति वाली शर्तों के साथ इक्विटी में बदला जाएगा. दोनों कंपनियों ने अडाणी द्वारा ऋण के अधिग्रहण तथा इसे इक्विटी में बदलने की शर्तों का ब्योरा नहीं दिया है.



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हवाईअड्डों पर अडाणी समूह का दांव
बंदरगाहों के बाद अब अडाणी समूह हवाईअड्डा क्षेत्र पर बड़ा दांव लगा रहा है. उसे विमानपत्तन प्राधिकरण-निर्मित छह गैर-महानगर हवाईअड्डों...लखनऊ, जयपुर, गुवाहाटी, अहमदबाद, तिरुवनंतपुरम और मेंगलूर के परिचालन का अधिकार मिल चुका है. अब समूह देश के दूसरे सबसे व्यस्त हवाईअड्डे के परिचालन का अधिकार हासिल करने जा रहा है. अडाणी समूह ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जबकि कोविड-19 महामारी की वजह से विमानन क्षेत्र पर ‘ब्रेक’ लग गया है.

जीवीके के संस्था चेयरमैन जीवीके रेड्डी ने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी से विमानन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस महामारी से यह क्षेत्र कई साल पीछे चला गया है. इससे मायल की वित्तीय स्थिति भी प्रभावित हुई है.’’ रेड्डी ने कहा, ‘‘इन परिस्थतियों में मायल की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए एक जल्द से जल्द एक वित्तीय रूप से मजबूत निवेशक लाने की जरूरत थी.

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दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की जिम्मेदारी जीएमआर के पास
जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर (GMR Infrastructure) देश की एक अन्य बड़ी निजी क्षेत्र की हवाईअड्डा परिचालक है. जीएमआर दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का परिचालन करती है. जीएमआर भी हवाईअड्डा कारोबार में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा समूह की अगुवाई वाले गठजोड़, सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड जीआईसी की एक इकाई तथा एसएसजी कैपिटल मैनेजमेंट को बेचने जा रही है.

गौतम अडाणाी (58) ने ट्वीट किया, ‘‘मुंबई सपनों का शहर है. यह हमारे लिए सम्मान की बात है कि हमें धरती पर सबसे शानदार महानगर के हवाई यात्रियों की सेवा करने का अवसर मिल रहा है.’’


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पिछले साल अक्टूबर में कर्ज के बोझ से दबे जीवीके समूह ने जीवीके एयरपोर्ट होल्डिंग्स में अपनी 79 प्रतिशत हिस्सेदारी अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) तथा कनाडा के सार्वजनिक क्षेत्र पेंशन निवेश बोर्ड और सार्वजनिक क्षेत्र के राष्ट्रीय निवेश एवं संरचना कोष (NIIF) को 7,614 करोड़ रुपये में बेचने के लिए करार किया था. इस राशि का इस्तेमाल जीवीके समूह को अपनी होल्डिंग कंपनियों का कर्ज चुकाने के लिए करना था.
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