हिंदुस्तान यूनिलिवर, डाबर, एयरटेल के विज्ञापनों को लेकर दर्ज हुई आपत्ति

विज्ञापन नियामक भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने अगस्त महीने में 114 भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतों को सही माना.

भाषा
Updated: October 26, 2017, 10:13 AM IST
हिंदुस्तान यूनिलिवर, डाबर, एयरटेल के विज्ञापनों को लेकर दर्ज हुई आपत्ति
(प्रतीकात्मक पिक)
भाषा
Updated: October 26, 2017, 10:13 AM IST
विज्ञापन नियामक भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने अगस्त महीने में 114 भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतों को सही माना. ये मामले हिंदुस्तान यूनिलिवर, भारती एयरटेल, अमेजन और डाबर इंडिया जैसी कंपनियों के खिलाफ हैं.

एएससीआई के उपभोक्ता शिकायत परिषद (सीसीसी) को अगस्त में कुल 193 शिकायतें मिली. उसने बयान में बताया कि सही पाये गये मामलों में स्वास्थ्य क्षेत्र के 51 मामले, शिक्षा के 31 मामले, खाद्य एवं पेय में 17 मामले, सौंदर्य प्रसाधन के पांच मामले तथा विविध क्षेत्रों के 10 मामले हैं.

सीसीसी ने हिंदुस्तान यूनिलिवर को डव शैंपू के लिए खिंचाई करते हुए कहा कि उसने इसके विज्ञापन में अपने उत्पादन से बाल झड़ना कम दिखाकर अतिरेक के जरिये भ्रम फैलाया है. 100 प्रतिशत दाग मिटाने का दावा करने वाली उत्पाद फेयर एंड लवली के विज्ञापन को भी गलत माना गया.

परिषद ने भारती एयरटेल के 244 रुपये के प्लान के विज्ञापन को भी भ्रामक पाया. अमेजन को पैराशुट हेयर ऑयल के विज्ञापन के लिए गलत पाया गया. कंपनी ने दावा किया था कि वह 149 रुपये न्यूनतम खुदरा मूल्य वाला यह तेल 142 रुपये में ऑफर के तहत बेच रही है. हालांकि इस उत्पाद की एमआरपी 135 रुपये है. डाबर के ऑडोमास के विज्ञापन को परिषद ने गलत पाया.
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