सरकार की बड़ी योजना! बड़े शहरों में खाली पड़े सरकारी हाउसिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स में बसाए जाएंगे प्रवासी श्रमिक

सरकार की बड़ी योजना! बड़े शहरों में खाली पड़े सरकारी हाउसिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स में बसाए जाएंगे प्रवासी श्रमिक
पीएम मोदी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट और सीसीईए की मीटिंग में प्रवासी श्रमिकों और शहरी गरीबों के लिए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्‍कीम को मंजूरी दे दी गई.

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत आने वाली अर्फोडेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍सेस (AHRCs) योजना को मंजूरी दे दी है. इस सब-स्‍कीम के तहत प्रवासी श्रमिकों (Migrant Workers) और शहरी गरीबों को बहुत कम किराये (Rent) पर रहने की सुविधा दी जाएगी.

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट और सीसीईए (CCEA) की बैठक में कंस्ट्रक्शन वर्कर्स, लेबर्स और प्रवासी मजदूर जैसे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए अर्फोडेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम (Affordable Rental Housing Scheme) को मंजूरी दे दी गई है. केंद्र सरकार की ओर से फंड की जाने वाली इस किफायती रेंटल हाउसिंग स्कीम के तहत 1,000 से 3,000 रुपये प्रति माह किराए पर अलग-अलग कैटेगरी के लोगों को घर उपलब्‍ध कराए जाएंगे. इस योजना पर अनुमानित 600 करोड़ रुपये खर्च होगा.

खाली पड़े सरकारी हाउसिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स का होगा इस्‍तेमाल
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, खाली पड़ी सरकारी वित्‍तपोषित आवासीय योजनाओं (Government Funded Housing Complexes) को अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स में तब्‍दील कर लिया जाएगा. वहीं, निजी क्षेत्र के ऐसे कॉम्‍प्‍लेक्‍स बनाने पर उन्‍हें स्‍पेशल इंसेंटिव्‍स दिए जाएंगे. इनमें परिसर के इस्‍तेमाल की मंजूरी, 50 फीसदी अतिरिक्‍त फ्लोर एरिया रेशियो (FAR), टैक्‍स राहत की पेशकश की जाएगी. शुरुआत में योजना के तहत 3 लाख लोगों को फायदा मिलेगा. ये कॉम्‍प्‍लेक्‍स25 साल बाद अर्बन लोकल बॉडी लौटा दिए जाएंगे. इसके बाद नए सिरे से इस प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा.

टेक्‍नोलॉजी इनोवेशन ग्रांट पर खर्च होंगे 600 करोड़ रुपये
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javedkar) ने बताया कि मजदूरों के लिए 1 लाख से ज्यादा घर बनाने को मंजूरी दी गई है. योजना के तहत सिंगल बेडरूम किचन वाले 1.15 लाख घर बनेंगे. टेक्नोलॉजी इनोवेशन ग्रांट (Technology Innovation Grant) पर 600 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. इन हाउसिंग कॉम्प्लेक्सेस को निजी जमीन (Private Land) पर बनाया जाएगा.



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वित्‍त मंत्री ने लॉकडाउन के दौरान की थी योजना की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने लॉकडाउन के दौरान 20 लाख करोड़ रुपये के इकोनॉमिक राहत पैकेज (Economic Package) के दूसरे हिस्से की जानकारी देते हुए प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीब वर्ग को किफायती किराये पर घर (Affordable Rental Housing Scheme) मुहैया कराने की घोषणा की थी. उन्‍होंने बताया था कि यह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होगा. इसके लिए शहरों के सरकारी फंडेड हाउसिंग को अर्फोडेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में तब्दील किया जाएगा. निर्मला सीतारमण ने बताया था कि सरकार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, इंडस्ट्रीज और संस्थानों को ऐसे हा​उसिंग कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए इंसेटिव्स देगी.
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