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अफगानिस्तान युद्ध के 20 साल: अमेरिका ने हर रोज 2 हजार करोड़ रु. गंवाए, पर रक्षा कंपनियों ने अकूत दौलत कमाई

अफगानिस्तान युद्ध के 20 साल: अमेरिका ने हर रोज 2 हजार करोड़ रु. गंवाए, पर रक्षा कंपनियों ने अकूत दौलत कमाई

 Afghanistan  war

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ब्राउन यूनिवर्सिटी ने इस संबंध में एक आकलन रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2001 से अब तक अफगानिस्तान युद्ध में अमेरिका ने कुल 2.26 ट्रिलियन (2260 अरब) डॉलर खर्च किए हैं. यानी प्रतिदिन हुए नुकसान के हिसाब से यह आंकड़ा 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर है.

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    नई दिल्ली . अफगानिस्तान युद्ध (Afghanistan war) के 20 साल का बही-खाता काफी चौंकाने वाला है. इस मैराथन युद्ध में अमेरिकी सरकार को दो ट्रिलियन डॉलर से अधिक गंवाने पड़े हैं. वहीं, दूसरी तरफ इस युद्ध से अमेरिकी रक्षा कंपनियों ने अकूत मुनाफा कमाया है. अफगानिस्तान युद्ध में बिजनेस कर रही रक्षा कंपनियों के शेयर इन 20 सालों में 12 गुना तक बढ़ गए.

    ब्राउन यूनिवर्सिटी ने इस संबंध में एक आकलन रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2001 से अब तक अफगानिस्तान युद्ध में अमेरिका ने कुल 2.26 ट्रिलियन (2260 अरब) डॉलर खर्च किए हैं. यानी प्रतिदिन हुए नुकसान के हिसाब से यह आंकड़ा 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर है.

    ‘द इंटरसेप्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार शीर्ष पांच कंपनियों ने सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया है, जिनमें बोइंग सबसे आगे है. रिपोर्ट के मुताबिक 18 सितंबर, 2001 में जिसने इन कंपनियों में 10 हजार डॉलर का निवेश किया, आज उसका धन करीब एक लाख (97,795) डॉलर हो गया है. यह वही तारीख है जब राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई करने के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे. इसके बाद से वर्ष 2021 तक अमेरिका ने अफगानिस्तान सेना पर कुल 83 अरब डॉलर खर्च किए यानी हर साल 4 अरब डॉलर से अधिक खर्च किए.

    शीर्ष पांच कंपनियों के काम और लाभ
    आइए इन 20 सालों में इन कंपनियों के शेयरों की कीमतों में आए उछाल और मुनाफे को देखते है. इससे युद्ध के गणित और बिजनेस को समझने में मदद मिलेगी.

    बोइंग ने शेयरधारकों की रकम को दस गुना किया
    बोइंग आमतौर पर वाणिज्यिक एयरलाइनर के जरिये कमाई करती है. इस कंपनी में वर्ष 2001 में जिसने 10 हजार डॉलर का निवेश किया, आज उसे 107,588.47 डॉलर मिलेंगे. यानी रकम 10 गुना से अधिक हो गई. बोइंग ने 975.88 फीसदी लाभांश दिया. बोइंग कंपनी बी-1 बांबर, बी-52एस, सी-17क कार्गो जेट, वी-22 ऑसप्रे वर्टिकल टेकऑफ विमान बनाती है. इसके अलावा इसके एफ-15 और एफ-18 लड़ाकू विमान भी बहुत घातक हैं. बी-1 बांबर का इस्तेमाल अफगानिस्तान में धड़ल्ले से हुआ.

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    रेथेऑन ने 331 फीसदी लाभांश दिया 
    सैन्य ठेके लेने के लिहाज से रेथेऑन दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है. वर्ष 2001 में जिसने इसमें 10 हजार डॉलर निवेश किया उसके पास आज 43,166 डॉलर हैं. यानी इसने 331 फीसदी लाभांश दिया. यह कंपनी ना केवल हथियार बेचती है, बल्कि प्रशिक्षण देने का भी ठेका लेती है. रेथेऑन टेक्नोलॉजी खुफिया और अंतरिक्ष सेवा भी मुहैया कराती है. इस कंपनी ने वर्ष 2020 में अमेरिकी सेना के साथ अफगानिस्तान वायुसेना के पायलट को प्रशिक्षण देने के लिए 14.5 करोड़ डॉलर का समझौता किया था.

    लॉकहीड मार्टिन में मुनाफ 1235 फीसदी
    लॉकहीड मार्टिन सैन्य ठेका लेने के लिहाज से विश्व की सबसे बड़़ी कंपनी है. इसके अलावा यह एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान भी बनाती है. इस कंपनी में जिसने वर्ष 2010 में 10 हजार डॉलर निवेश कर दिया आज उसके पास 1,33,559.21 डॉलर हैँ. यानि 20 साल में कमाई 10 गुना से अधिक हो गई. लॉकहीड मार्टिन कंपनी अपने घातक हेलीकाप्टर ब्लैक हॉक के लिए जानी जाती है, जिसका अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ.

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    जीडी का लाभ 625 फीसदी
    जनरल डायनमिक्स (जीडी) ने युद्ध के दौरान 625 फीसदी से अधिक का लाभांश हासिल किया. इसमें जिसने 10 हजार डॉलर का निवेश किया उसके 20 साल बाद वर्ष 2021 में 72,515.58 डॉलर हो गए. इस कंपनी ने अपना हल्का हथियार युक्त वाहन (एलएवी-25) उपलब्ध कराया जिसका अफगानिस्तान में जमकर इस्तेमाल किया गया. यह कंपनी आईटी और साइबर सुरक्षा संबंधी सेवा भी उपलब्ध कराती है.

    नॉर्थरोप ग्रुमैन का लाभांश 1196.14 फीसदी
    स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से जारी डाटा के मुताबिक इस कंपनी ने 1196.14 फीसदी से अधिक का लाभांश हासिल किया. 1939 में स्थापित इस कंपनी ने 20 साल के दौरान 29.22 अरब डॉलर कमाए. कंपनी में जिसने वर्ष 2001 में 10 हजार डॉलर निवेश किए उसे आज 1,29,644 डॉलर मिलेंगे. दुनिया के बड़े हथियार निर्माताओं में शामिल यह कंपनी समुद्र, जमीन और हवा में मार करने वाले हथियार बनती है जिसमें ड्रोन, जंगी विमान, चेन गन, मिसाइल डिफेंस सिस्टम आदि बनाती है. इसने अमेरिकी सेना को बड़े पैमाने पर ड्रोन दिए हैं.

    अन्य कारोबारी समूहों ने भी कमाया
    रक्षा कंपनियों के अलावा अन्य अमेरिकी कंपनियों ने भी मोटी कमाई की है. इनमें केबीआर, डाइनकॉर्प इंटरनेशल और फ्लुअर कॉर्पोरेशन समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं. उदाहरण के तौर पर डाइनकॉर्प को अफगान पुलिस फोर्स को प्रशिक्षित करने और हथियारबंद करने का ढाई अरब डॉलर का ठेका मिला था.

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