सरकार की इस पहल के बाद दुनिया में बजेगा मेक इन इंडिया का डंका, जानिए इसके बारे में सबकुछ

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय 4 जनवरी से 2 मार्च तक उद्योग मंथन वेबिनार का आयोजन करने जा रहा है.

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय 4 जनवरी से 2 मार्च तक उद्योग मंथन वेबिनार का आयोजन करने जा रहा है.

सामानों की गुणवत्ता (Quality) और उत्पादकता (Productivity) में सुधार होने से भारतीय कंपनियां (Companies) अधिक आक्रामक होकर वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर पायेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2021, 2:11 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना काल के बावजूद वैश्विक बाजार में भारतीय सामानों की मांग और गुणवत्ता में लगातार इजाफा हो रहा है. पूरी दुनिया के बाजारों में मेक इन इंडिया सामानों की पहुंच बनाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार लगातार स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक कर रही है. केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि भारतीय सामानों की उत्पादकता और गुणवत्ता वैश्विक स्तर की बनाई जाए. इसी मकसद को पूरा करने के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय 4 जनवरी से 2 मार्च तक उद्योग मंथन वेबिनार का आयोजन करने जा रही है. इस वेबिनार में मंत्रालय के अलावा क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया, नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स और इंडस्ट्री चैम्बर्स भी शामिल होंगे. केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 6 जनवरी को सभी स्टेकहोल्डर्स को सबोधित करेंगे.

वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत अभियान पर रहेगा जोर- कोरोना काल ने भारत सहित पूरी दुनिया को कई सीख भी दी है. कोरोना की चुनौतियों के बीच मोदी सरकार ने आयातित वस्तुओं को देश में ही उत्पादन करने पर जोर दिया. विदेशी वस्तुओं का उपभोग के बजाय देशी वस्तुओं की खरीद और प्रचार-प्रसार करने की अपील भी आम जनता से की. इसकी छाप भी इस उद्योग मंथन में देखने को मिलेगी. करीब दो महीने तक चलने वाले इस वेबिनार कार्यक्रम का हर एक सत्र करीब 2 घंटे का रहेगा. इन सत्रों में सेक्टोरल और एक्सपर्ट अपनी राय रखेंगे और भावी रोड मैप व चुनौतियों पर चर्चा विमर्श करेंगे. विभिन्न क्षेत्रों के स्थापित चैम्पियन अपनी उपलब्धि और रणनीति की भी जानकारी देंगे. उम्मीद की जा रही है कि सफल व्यक्तियों के सुझाव से भारतीय इंडस्ट्री को नए पंख लगेंगे.

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वैश्विक बाजार में भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी- सामानों की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार होने से भारतीय कंपनियां अधिक आक्रामक होकर वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर पायेगी. उद्योग मंथन कार्यक्रम में आने वाले सुझाव से सेक्टोरल सुधार करने में मदद मिलेगी. देश की अर्थव्यवस्था को ना सिर्फ तेजी से पटरी पर लाने में मदद मिलेगी बल्कि विभिन्न सामानों का निर्यात भी बढ़ेगा. जगजाहिर है कि मेक इन चाइना प्रोडक्ट को लेकर वैश्विक बाजार में काफी निराशा है ऐसे में भारत के पास मेक इन इंडिया सामानों को पूरी दुनिया में छाने का सुनहरा मौका है.

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