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किसानों को मिलेगा सस्ती दरों पर लोन! अब राज्य ले सकेंगे पीएम-कुसुम योजना का लाभ

किसानों को मिलेगा रियायती ब्याज दर पर लोन
किसानों को मिलेगा रियायती ब्याज दर पर लोन

पीएम-कुसुम योजना (PM-Kusum Scheme) के तहत अब राज्य एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (Agriculture Infrastructure Fund) के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर लोन ले सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 28, 2020, 10:47 AM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना (PM-Kusum Scheme) के तहत अब राज्य एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (Agriculture Infrastructure Fund) के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर लोन ले सकते हैं. पीएम-कुसुम के तहत एक लाख करोड़ रुपये का फंड बनाया जाएगा. जिसका मुख्य उद्देश्य सिंचाई में डीजल के उपयोग को कम करना और कृषि क्षेत्र में सौर प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना है. इस फंड के तहत देश में कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाए जाने के लिए कदम उठाए जाएंगे.

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने शुक्रवार को आयोजित अक्षय ऊर्जा निवेशकों की बैठक में कहा, "नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) योजना के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) के रूप में 34,422 करोड़ रुपये देगा, और बाकी राशि के लिए राज्य नाबार्ड से सस्ती ब्याज दर पर ऋण ले सकते हैं," बता दें कि अक्षय ऊर्जा निवेशकों की बैठक हर साल सरकार द्वारा आयोजित की जाती है. सरकार की इस योजना के जरिए किसान अपनी जमीन पर सोलर पंप और पंप लगाकर अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं. केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के तहत देशभर में सभी बिजली व डीजल से चलाए जाने वाले पंप को सोलर उर्जा से चलाया जा सके.

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इसमें कृषि और सिंचाई के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये की रकम दी जानी है. इस योजना का उद्देश्य किसानों की बंजर भूमि पर 10 गीगा-वाट (जीडब्ल्यू) के 17.5 लाख सौर संयंत्रों की स्थापना करना है. इसके साथ ही कृषि बिजली फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना सुनिश्चित करना है ताकि सिंचाई के लिए केवल स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग किया जा सके. सरकार पीएम कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने में आर्थिक मदद देगी. योजना के लिए केंद्र सरकार 30% सीएफए प्रदान करेगा, जबकि राज्य सरकारें 30% अनुदान देगी और शेष 40% किसान द्वारा दिया जाएगा.
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इस एक लाख करोड़ रुपए के एग्री इंफ्रा फंड का इस्तेमाल गांवों में कृषि क्षेत्र से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में किया जाएगा. इस फंड से कोल्ड स्टोर, वेयरहाउस, साइलो, ग्रेडिंग और पैकेजिंग यूनिट्स लगाने के लिए लोन दिया जाएगा. इस फंड के तहत 10 साल तक वित्तीय सुविधा मुहैया कराई जाएगी. फंड को जारी करने का उद्देश्य गांवों में निजी निवेश और नौकरियों को बढ़ावा देना है. इस परियोजना को सफल बनाने के लिए एआईएफ के तहत, केंद्र द्वारा 3% ब्याज सब्सिडी और 2 करोड़ रुपये तक की क्रेडिट गारंटी भी सरकार द्वारा दी जाएगी.
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