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अब चेहरे और आवाज़ से तय होगा कि आप कितने भरोसेमंद हैं, टेस्ट में फेल हुए तो नहीं मिलेगा लोन

टोक्यो के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो में इस तनकीक पर बेस्ड एक ऐप लॉन्च किया गया है.
टोक्यो के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो में इस तनकीक पर बेस्ड एक ऐप लॉन्च किया गया है.

टोक्यो की एक कंपनी ने एक ऐसा ऐप लॉन्च किया है, जो आपकी आवाज़ और चेहरे को देखकर बता देगा कि आप कितने भरोसेमंद है. कंपनियां व वित्तीय संस्थान इस ऐप की मदद से तय कर सकेंगी कि किसे लोन दिया जा सकता है और किसे नहीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 20, 2021, 1:06 PM IST
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नई दिल्ली. बहुत लोगों की आदत होती है कि वो किसी को पहली बार देखने के साथ ही अपने मन में उनकी एक छवि बना लेते हैं. इस आधार पर उस व्यक्ति को जज करते हैं. अब एक एल्गोरिथम (Algorithm) भी कुछ ऐसा ही दावा कर रहा है, जिसकी मदद से दो मिटन में ही आपको लोन मिल सकता है. जापान की राजधानी टोक्यो की एक कंपनी ने पिछले सप्ताह ऐसी ही तकनीक पर बेस्ड एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है. कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो में लॉन्च किए गए इस फेशियल एंड वॉइस रिकग्निशन (Facial and Voice recognition) ऐप को लेंडर्स, इंश्योरेंस कंपनियां और अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए ‘नेक्स्ट जेनरेशन स्कोरिंग इंजन’ माना जा रहा है.

आमतौर पर लोन लेने से पहले किसी भी व्यक्ति को अपने बारे में कई जानकारी देनी होती है. लेकिन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की मदद से अब उनकी आवाज़ और चेहरे से ही एक ‘True Score’ कैलकुलेट किया जाएगा. इस स्कोर की मदद से कंपनियां किसी भी व्यक्ति को लोन जारी करने या मना करने का फैसला ले सकती हैं. Deepscore AI नाम की इस कपंनी का कहना है कि उसकी इस तकनीक से 70 फीसदी तक झूठ पकड़ा जा सकती है. जबकि, 30 फीसदी मामलों में गलत जानकारी मिलती है. इस स्कोर की मदद से कंपनियों को अलर्ट किया जा सकता है.

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क्या है इसका दूसरा पहलू?
हालांकि, इस आर्टिफिशियल तकनीक को लेकर कुछ साइंटिस्टों ने चिंता भी जाहिर की है. पक्षपात को लेकर अंदेशा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को एंग्जायटी है तो उन्हें फंड प्राप्त करने में समस्या आ सकती है. इस मामले से जुड़े एक जानकार का कहना है कि उनकी यह बात बिल्कुल सही भी है. इंसानों में कुछ ऐसे सामान्य ट्रेंड्स पाये जाते हैं, जिसे इस तकनीक से नहीं पकड़ा जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘कई बार ऐसा होगा कि किसी व्यक्ति को अपनी नाक छूने की आदत हो या पलकें झपकाने की. ये उनकी आदत है और इस आधार पर नहीं कहा जा सकता कि वो झूठ ही बोल रहे हैं.’

इंसानों के चेहरे पर उनके हावभाव को पढ़ने के लिए साइंटिस्ट AI तकनीक विकसित करने में जुटे हैं. इससे लोगों के बारे में अनकही बातों, उनकी राजनीतिक सरोकार जैसे कई तरह की जानकारियों के बारे में पता लगाया जा सकता है. ऐसे में यह चौंकाने वाली बात नहीं होगी कि आपके चेहरे से यह पता कर लिया जाए कि आप कितने भरोसेमंद व्यक्ति हैं.

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कंपनी का कहना है कि उनकी इस तकनीक में ग्राहकों के चेहरे पर नजर रखी जाती है और उनकी आवाज़ सुनी जाती है. दरअसल, जब कोई व्यक्ति झूठ बोलता है तब थोड़ा स्ट्रेस में रहते हैं. उनके मुंह/आंखें हिलने लगते हैं और उनके आवाज़ पर भी इसका असर पड़ता है.
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