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Air India ने अमेरिकी कोर्ट से Cairn की याचिका खारिज करने को कहा, जानिए क्या है मामला

 (फाइल फोटो)

(फाइल फोटो)

अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने भारत सरकार को केयर्न को 1.2 अरब डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया था. इस आदेश को लागू क ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. भारत की सरकारी एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया (Air India) ने न्यूयॉर्क की एक अदालत से ब्रिटेन की कंपनी केयर्न एनर्जी पीएलसी (Cairn Energy PLC) की याचिका को खारिज करने को कहा है जिसमें भारत सरकार के खिलाफ 1.2 अरब डॉलर के मध्यस्थता न्यायाधिकरण के आदेश को लागू करने के लिए उसकी संपत्ति जब्त करने की अपील की गई है. याचिका में कहा गया कि यह मामला कुछ जल्दबाजी में दायर किया गया है, क्योंकि न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ याचिका अब भी पेंडिंग है.

    एयरलाइन की याचिका वाशिंगटन की अदालत में भारत सरकार द्वारा दी गई याचिका से अलग है. भारत सरकार ने अपनी याचिका में केयर्न के मुकदमे को खारिज करने की अपील की है. एयर इंडिया की याचिका में कहा गया कि किसी ‘महज काल्पनिक सवाल’ या होने या ना होने की संभावना वाली भविष्य की आकस्मिक घटनाओं पर निर्भर करने वाले विषय पर फैसला करना न्यूयॉर्क की जिला अदालत के न्याय क्षेत्र में नहीं आता.

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    कंपनी चाहती है 1.2 अरब डॉलर का भुगतान
    केयर्न ने पहले डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया की अमेरिकी जिला अदालत में एक याचिका दायर कर मध्यस्थता न्यायाधिकरण के आदेश को लागू कराने की अपील की थी. इसके बाद उसने न्यूयॉर्क की अदालत में दूसरी याचिका दायर कर एयर इंडिया को भारत सरकार का ‘वैकल्पिक रूप’ घोषित करने और इस तरह उसे मध्यस्थता न्यायाधिकरण के कंपनी को 1.2 अरब डॉलर का भुगतान करने के आदेश को लागू करने का निर्देश देने की अपील की थी.

    भारत सरकार ने केयर्न एनर्जी पर लगाया था 10,247 करोड़ रुपये का टैक्स
    भारत सरकार ने 2012 के पिछली तिथि से टैक्स लगाने संबंधी कानून के तहत केयर्न एनर्जी पर 10,247 करोड़ रुपये का टैक्स लगाया था. केयर्न एनर्जी ने फैसले को सिंगापुर के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण में चुनौती दी जिसने पिछले साल दिसंबर में सरकार के कदम को गलत करार दिया और पूरी राशि लौटाने का आदेश दिया. भारत के इस राशि का भुगतान ना करने पर कंपनी ने अमेरिकी अदालतों का रुख किया.

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    एयर इंडिया ने 23 अगस्त को दायर अपनी याचिका में कहा, ”केयर्न की याचिका से इस बात की पृष्टि होती है कि उसे राशि के भुगतान करने के आदेश से जुड़ा मामला डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया की जिला अदालत में पेंडिंग है.”

    Tags: Air india, Tax

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