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  • AIR INDIA PILOTS GOT SUPPORT FROM INTERNATIONAL ORGANIZATION WRITING LETTER TO HARDEEP SINGH PURI AGAINST PAY CUT

Air India के पायलटों को मिला अंतरराष्‍ट्रीय संगठन का साथ, चिट्ठी लिखकर वेतन कटौती पर जताया विरोध

एअर इंडिया ने आर्थिक संकट से निपटने के लिए अपने पायलट्स और क्रू मेंबर्स की सैलरी समेत भत्‍तों में कटौती कर दी है.

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एयरलाइंस पायलट्स एसोसिएशन (IFALPA) की भारतीय इकाई ने नागर उड्डयन मंत्री (Civil Aviation Minister) हरदीप सिंह पुरी को लिखे पत्र में कहा कि ड्यूटी पर होने के बावजूद एयर इंडिया (Air India) के पायलटों के वेतन में बड़ी कटौती (Salary Cut) उचित नहीं है.

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    मुंबई. एयर इंडिया (Air India) के पायलट फ्लाइंग अलाउंस (Flying Allowances) में भारी कटौती का विरोध कर रहे हैं. अब उन्‍हें अंतररष्ट्रीय पायलट संगठन से समर्थन मिल गया है. संगठन ने भारत सरकार को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है. इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एयरलाइंस पायलट्स एसोसिएशन (IFALPA) की भारतीय इकाई ने नागर उड्डयन मंत्री (Civil Aviation Minister) हरदीप सिंह पुरी को लिखे पत्र में कहा कि ड्यूटी पर होने के बावजूद एयर इंडिया के पायलटों के वेतन में बड़ी कटौती उचित नहीं है.

    AI के पायलट्स के वेतन में की गई है 60 फीसदी की कटौती
    सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया कोविड-19 के कारण पैदा हुए हालात से निपटने के लिए लागत में जबरदस्‍त कटौती कर रही है. कोविड-19 का एयरलाइन पर काफी बुरा असर पड़ा है. एयर इंडिया ने घोषणा की है कि क्रू मेंबर्स को वास्तविक उड़ान घंटों के आधार पर भुगतान किया जाएगा, जबकि पहले 70 घंटे के लिये नियत भुगतान किया जाता था. इस कदम से पायलटों के वेतन में करीब 60 फीसदी की कमी आई है. घाटे में चल रही एयरलाइन ने 25,000 से ज्‍यादा सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के भत्ते में भी 50 फीसदी कटौती की घोषणा की है.

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    ALPA के अध्‍यक्ष ने नागरिक उड्डयन मंत्री को लिखी चिट्ठी
    एयर इंडिया ने अपने कर्मचारियों के लिये छह महीने से पांच साल तक के लिये बिना वेतन अवकाश (LWP) योजना भी लागू की है. एयरलाइंस पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA) के अध्यक्ष सैम थॉमस ने पुरी को लिखे पत्र में कहा कि हम आपका ध्यान एयर इंडिया के पायलटों के साथ हुए गंभीर अन्याय की ओर दिलाना चाहते हैं. एकतरफा तरीके से उनके वेतन में 60 फीसदी की कटौती गंभीर चिंता का विषय है. ये वही पायलट हैं, जिन्होंने सरकार के कहने पर आगे बढ़कर काम किया और संकट की घड़ी में विदेश से भारतीय नागरिकों को लाने के लिये उड़ान भरी.

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    वेतन कटौती के खिलाफ नहीं हैं पायलट, फैसला बातचीत से हो
    थॉमस ने कहा कि पूरा देश उनकी सेवा का अभारी है और कोरोना योद्धा के तौर पर उनके काम की सराहना की गई है. ऐसे समय में जब एयरलाइन काफी नुकसान में है तो पायलट वेतन कटौती के खिलाफ नहीं है, लेकिन वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर वेतन में केवल 7 फीसदी कटौती की गई है. हमारा मानना है कि बातचीत के आधार पर वेतन समीक्षा हो और सभी पर समान रूप से लागू हो. बातचीत के लिये दोनों पायलट संगठन आईपीजी और आईसीपीए हर समय उपलब्ध हैं. इसीलिए हम आपसे मामले में तत्काल हस्तक्षेप और सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान का आग्रह करते हैं.
    Published by:Amrit Chandra
    First published: