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एअर इंडिया यूनियनों का उड्डयन मंत्रालय के सचिव को पत्र, जताई ये चिंता

केंद्र सरकार ने टाटा ग्रुप को एयर इंडिया में अपनी हिस्‍सेदारी की बिक्री का आशय पत्र जारी कर दिया है.

केंद्र सरकार ने टाटा ग्रुप को एयर इंडिया में अपनी हिस्‍सेदारी की बिक्री का आशय पत्र जारी कर दिया है.

एअर इंडिया का निजीकरण करने के लिए पहला कदम उठाये जाने के बाद से अब तक कई एयरलाइन कंपनियां आईं और चली गईं, लेकिन टाटा समूह का विमानन क्षेत्र खासकर एअर इंडिया के साथ लगाव कभी कम नहीं हुआ.

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    नई दिल्ली. एअर इंडिया यूनियनों ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव को एक संयुक्त पत्र लिखा है. इस पत्र में कर्मचारियों के लिए नकद, छुट्टी, चिकित्सा लाभ, आवास और बकाए के बारे में चिंता जताई. एअर इंडिया यूनियनों ने मांग की है कि कर्मचारियों को एयलाइंस के मॉनिटाइजेशन तक या कम से कम एक साल के लिए एयरलाइन फ्लैटों में रहने की अनुमति दी जानी चाहिए क्योंकि टाटा एक साल की रोजगार गारंटी दे रहे हैं.

    बता दें टाटा एअर इंडिया को फिर से अपने पाले में ले आया. भले ही एअर इंडिया का निजीकरण करने के विभिन्न सरकारों के प्रयासों में दो दशक से अधिक का समय लग गया हो, लेकिन आखिरकार अंतिम बोली टाटा सन्स ने ही जीती. एअर इंडिया का निजीकरण करने के लिए पहला कदम उठाये जाने के बाद से अब तक कई एयरलाइन कंपनियां आईं और चली गईं, लेकिन टाटा समूह का विमानन क्षेत्र खासकर एअर इंडिया के साथ लगाव कभी कम नहीं हुआ.

    विरासत पाने के लिए टाटा समूह ने खर्चे हैं 18000 करोड़ रुपये
    ऐसा कहा जाता है कि टाटा समूह के अधिकारी यह शिकायत करते रहते थे कि भारतीय विमानन क्षेत्र के जनक व एअर इंडिया के पूर्व अध्यक्ष जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा (जेआरडी) को टाटा समूह की तुलना में एअर इंडिया की चिंता अधिक रहती थी. हालांकि वे यह भी जानते थे कि अध्यक्ष के रूप में एअर इंडिया का नेतृत्व करना उनके लिये केवल एक नौकरी नहीं थी, बल्कि उनके लिए यह लगाव का विषय था.

    नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाली कंपनी टाटा समूह की भव्य विरासत को देखते हुए, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि टाटा ने एअर इंडिया को वापस पाने के लिए इतना अधिक (18,000 करोड़ रुपये) खर्च किया. यह एक ऐसा समूह है जिसने टाटा एअरलाइंस और एअर इंडिया के पहले टाटा विमानन सेवा शुरू करने के लिए 1932 में दो लाख रुपये का निवेश करने में जरा सा भी संकोच नहीं किया था.

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