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    Air Purifier खरीदने से पहले इन बातों का रखें खास खयाल, वरना आपके पैसे हो जाएंगे Waste

    Air Purifier खरीदने से पहले इन बातों का रखें खास ख्याल
    Air Purifier खरीदने से पहले इन बातों का रखें खास ख्याल

    बढ़ते प्रदूषण की वजह से एयर प्यूरीफायर अब एक बहुत जरूरी चीज बन गया है. भारत में बढ़ते प्रदूषण की वजह से एयर प्यूरीफायर मांग बढ़ने लगी है. तो चलिए आपको बताते हैं कि एयर प्यूरीफायर लेने से पहले आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 17, 2020, 6:12 PM IST
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    नई दिल्ली. बढ़ते प्रदूषण की वजह से एयर प्यूरीफायर अब एक बहुत जरूरी चीज बन गया है. भारत में बढ़ते प्रदूषण की वजह से एयर प्यूरीफायर मांग बढ़ने लगी है. एयर प्यूरीफायर एक ऐसी मशीन है जो जहरीली हवा को साफ और प्रदूषण मुक्त बनाती है. एयर प्यूरीफायर के बिना जो सांस के जरिए हवा हमारे शरीर में प्रवेश करती है वह लिवर समेत सभी अंगों पर ही असर नहीं डालती बल्कि इसके साथ ही हमारे इम्युनिटी सिस्टम को भी गहरी चोट पहुंचाती हैं, इसलिए आज के समय में इस मशीन का उपयोग बहुत बढ़ गया है. लेकिन एयर प्यूरीफायर लेने से पहले इन बातों का जरूर रखें ध्यान:

    1. कमरे का आकार: एयर प्यूरीफाइर खरीदने से पहले इस बात को सबसे पहले देखने की जरूरत है. बेडरूम या स्टडी के लिए प्यूरीफायर लेना चाहते हैं तो शुरुआती स्तर की मशीनों से काम चल जाएगा. हालांकि, बड़े आकार के कमरे के लिए प्यूरिफायर चाहते हैं तो आपको ज्यादा खर्च करना होगा. इस स्थिति में आपको एक बड़ा या दो छोटे-छोटे प्यूरीफायर लेने होंगे. तकरीबन सभी प्यूरीफायर में इस बात का जिक्र होता है कि वे कितने क्षेत्रफल में कारगर तरीके से काम कर सकते हैं.

    2. सीएडीआर: सीएडीआर का मतलब है, क्लीन एयर डिलीवरी रेट. एयर प्यूरीफायर कितना कारगर है, यह इसे नापने का अंतरराष्ट्रीय पैमाना है. इसे कमरे के क्षेत्रफल के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है. इससे पता चलता है कि कितनी जल्दी किसी कमरे में प्यूरीफायर हवा को साफ कर देगा.



    3. रिमोट कंट्रोल: ज्यादातर एयर प्यूरीफायर रिमोट कंट्रोल के साथ नहीं आते हैं. इसलिए हर बार मोड बदलने या फंक्शन इनेबल/डिसेबल करने के लिए आपको खुद उठना होगा. यही कारण है कि हम आपको इस तरह का प्यूरीफायर खरीदने की सलाह देते हैं जो रिमोट कंट्रोल के साथ आता हो. कुछ स्मार्ट एयर प्यूरीफायर वाईफाई से कनेक्ट हो जाते हैं. इन्हें ऐप की मदद से इनेबल/डिसेबल किया जा सकता है.
    4. फिल्टर रिप्लेसमेंट: हवा को साफ करने के लिए एयर प्यूरीफायर पूरी तरह से फिल्टरों पर निर्भर रहते हैं. ज्यादातर फिल्टर कुछ महीने ही चलते हैं. इन्हें नए फिल्टरों के साथ बदलना पड़ता है. अच्छा यह है कि फिल्टरों को बदलने की लागत का पहले से ही पता लगा लिया जाए.

    5. फिल्ट्रेशन सिस्टम: फिल्ट्रेशन सिस्टम प्यूरीफायर का सबसे अहम हिस्सा है. एंट्री लेवल के ज्यादातर प्यूरीफायर तीन परत वाले फिल्टर सिस्टम के साथ आते हैं. इसमें प्री-फिल्टर, हेपा फिल्टर और कार्बन फिल्टर शामिल हैं. ये प्रदूषकों यानी पॉल्यूटेंट, धूल के कणों और गंध को हटाने का काम करते हैं. कुछ प्यूरीफायर में ये तीनों एक ही फिल्टर यूनिट में जुड़े होते हैं. अन्य में ये तीनों अलग-अलग होते हैं. इन्हें अलग-अलग बदला जा सकता है.

    6. पॉल्यूशन इंडिकेटर: एंट्री लेवल के ज्यादातर प्यूरीफायर बुनियादी एलईडी इंडिकेटर सिस्टम से लैस होते हैं. ये एयर क्वालिटी के बारे में बताते हैं. प्यूरीफायर के नए मॉडलों में डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम होता है. यह कमरे में हवा की गुणवत्ता का वास्तविक स्तर दिखाता है. इससे आपके लिए पता लगाना आसान हो जाता है कि कब प्यूरीफायर को अधिकतम स्तर पर चलाना है और कब इसे घटा देना है.

    मार्केट में चार तरह के फिल्टर उपलब्ध हैं
    >> HEPA (High Efficiency Particulate Air)
    >> Charged media
    >> Antibacterial and germicidal
    >> Electrostatic precipitator



    जिस भी फिल्टर के साथ आप Air Purifier लेना चाहते हैं, इससे पहले आपको यह ध्यान रखना होगा कि यह फिल्टर मार्केट में उपलब्ध हो. क्योंकि फिल्टर को समय-समय पर रिप्लेस कराना पड़ता है. वहीं, एयर फिल्टर की कीमत पर भी विचार करना चाहिए. साथ ही एयर फिल्टर को खुद से साफ कर दोबार इस्तेमाल करने के बारे में भी न सोचें.
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