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Lockdown खत्म होने के बाद बदल जाएगी Flight की तस्वीर, यात्रियों को सेफ रखने के लिए बनाया गया ये खास प्लान

 Lockdown के बाद बदल जाएगी Flight की तस्वीर, सेफ रखने के लिए बनाया ये प्लान
Lockdown के बाद बदल जाएगी Flight की तस्वीर, सेफ रखने के लिए बनाया ये प्लान

इस लॉकडाउन से एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है. फ्लाइट पूरी तरह बंद रहने की वजह से कई कंपनियां बंद होने की कगार पर पहुंच गयी हैं. बंद नहीं हो इसी बात के मद्देनजर एयरलाइन के प्रमोटर्स ने सुझाव दिया है कि सूट, ग्लव्स और मास्क जैसे पीपीई यानी पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट्स का इस्तेमाल करना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 22, 2020, 2:14 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सबसे जरूरी है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना. ताकि कोरोना के केसेस को कम किया जा सके. Social Distancing रखने के लिए ही सरकार ने देश को लॉकडाउन किया हुआ है. लेकिन अब सवाल ये है कि कब तक देश को बंद रखा जाएगा या कब तक लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगाई जा सकेगी. इस लॉकडाउन से सबसे ज्यादा नुकसान एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) को हो रहा है. फ्लाइट पूरी तरह बंद रहने की वजह से कई कंपनियां बंद होने की कगार पर पहुंच गयी हैं. बंद नहीं हो इसी बात के मद्देनजर एयरलाइन के प्रमोटर्स ने सुझाव दिया है कि सूट, ग्लव्स और मास्क जैसे पीपीई यानी पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट्स का इस्तेमाल करना चाहिए. ये न सिर्फ यात्रियों, बल्कि क्रू मेंबर्स के लिए भी जरूरी होने चाहिए.

स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह ने कहा कि बीच की सीट खाली रखने भर से दो लोगों के बीच में जरूरी दूरी नहीं रखी जा सकती है, जिससे वह सुरक्षित रहें, बल्कि मास्क और ग्लव्स के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.

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इससे पहले बना था ये प्लान 
इससे पहले एयरलाइन ने फ्लाइट्स में बीच की सीट खाली रखने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. एयरलाइंस के प्रमोटर्स ने सरकार के इस प्रस्ताव को सही नहीं बताते हुए कहा है कि इस तरह से यात्रियों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती है. उन्होंने ये भी कहा कि अगर ऐसा करते हैं तो इससे एयरलाइंस की अर्थव्यवस्था और भी खराब हो जाएगी, जो पहले से ही कोरोना महामारी की वजह से बेहद खराब है.

इतने मीटर की दूरी रखने का प्लान
हाल ही में डीजीसीए ने तय किया था कि जब एयरलाइन सेवाएं शुरू होंगी तो फ्लाइट में बीच वाली सीट खाली रखी जाएगी. हालांकि, एयरलाइंस ने तर्क दिया है कि इससे 2 मीटर की दूरी सुनिश्चित नहीं की जा सकती है, जो कि स्वास्थ्य एजेंसियों ने सुझाया है. एक उदाहरण के तौर पर देखें तो सामान्य इंडिगो ए320 18 इंच की सीट है और 25 इंच का गलियारा है. ऐसे में अगर 2 मीटर की दूरी रखनी है तो पूरी लाइन में दो विंडो सीट पर दो यात्री ही बैठ सकते हैं. 6 सीटों की लाइन में बाकी की 4 सीटें खाली रखनी होंगी. 2 मीटर का मतलब एयरलाइन को हर दूसरी विंडो सीट खाली छोड़नी होगी.

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