कोरोना के इस संकट में एयरलाइंस कंपनियों को हो सकता है ₹1.3 लाख करोड़ घाटा- रिपोर्ट

एयरलाइंस सेक्टर को लेकर  CRISIL की नई रिपोर्ट जारी
एयरलाइंस सेक्टर को लेकर CRISIL की नई रिपोर्ट जारी

भारत की बड़ी रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) की नई रिपोर्ट में घरेलू एयरलाइंस कंपनियों को अगले तीन साल में 1.1 से 1.3 लाख करोड़ रुपये के घाटे की आशंका जताई है.

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मुंबई. कोरोना की महामारी (Coronavirus Pandemic) के चलते भारत सहित कई देशों में विदेशी यात्रा पर प्रतिबंध है. इसका असर एयरलाइंस कंपनियों (Airlines Companies) पर पड़ रहा है. क्रिसिल ने कहा है कि एयरलांइस कंपनियों की सेहत में जल्द सुधार की उम्मीद नहीं दिखती. भारत की बड़ी रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) की नई रिपोर्ट में घरेलू एयरलाइंस कंपनियों को अगले तीन साल  में 1.1 से 1.3 लाख करोड़ रुपये के घाटे की आशंका जताई है.

रिपोर्ट में कहा गया है, वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान भारतीय एयरलाइस कंपनियों का रेवेन्यू 1.1 से 1.3 लाख करोड़ रुपये तक घट सकता है.वित्त वर्ष 2021-22 में भी हालात बेहतर होने के आसार कम ही हैं. क्रिसिल के अनुसार, 24 अगस्त तक घरेलू यात्रा की टिकट की सीमा तय की जा चुकी है. इसमें तीसरी तिमाही से राहत की उम्मीद है.

संकट में एयरलाइंस कंपनियां, जानिए रिपोर्ट की खास बातें..
कच्चे तेल की कीमतों में काफी गिरावट आई है, लेकिन एयरलाइंस कंपनियां इसका फायदा उठाने की स्थिति में नहीं हैं. हवाई सेवाओं की मांग में आई जबरदस्त गिरावट ने उन्हें इस मौके का फायदा नहीं उठाने दिया है.
रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में इन कंपनियों का एबिड्टा शून्य से नीचे रहने के आसार हैं, क्योंकि उड़ान न भरने के बावजूद किराये, कर्मचारियों की सैलरी और मेंनटेनेंस जैसे नियमित खर्च जारी रहने वाले हैं.
लोगों के कम हवाई यात्रा करने से मौजूदा वित्त वर्ष में घरेलू यात्रियों की संख्या 40 से 45 फीसदी और अतंर्राष्ट्रीय यात्रियों की संख्या 60 से 65 फीसदी गिरावट आ सकती है.
कोरोना वायरस का डर अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. ऐसे में मांग में सुधार के आसार कम हैं. बीते दस वित्त वर्षों में से सात वित्त वर्षों में एयरलाइंस इंडस्ट्री ने 10 फीसदी से अधिक ग्रोथ दर्ज की है.
वित्त वर्ष 2021-22 में भी हालात बेहतर होने के आसार कम ही हैं. क्रिसिल के अनुसार, 24 अगस्त तक घरेलू यात्रा की टिकट की सीमा तय की जा चुकी है. इसमें तीसरी तिमाही से राहत की उम्मीद है.
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