लाइव टीवी

AGR मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दी टेलीकॉम कंपनियों से 92 हजार करोड़ वसूलने की इज़ाजत

News18Hindi
Updated: October 24, 2019, 4:17 PM IST
AGR मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दी टेलीकॉम कंपनियों से 92 हजार करोड़ वसूलने की इज़ाजत
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, जम्मू-कश्मीर में और कब तक जारी रहेगी रोक

सन 2005 से टेलीकॉम कंपनियों और सरकार के बीच एडजेस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू की परिभाषा को लेकर विवाद है. इस पर अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने फैसला सुना दिया है. ये फैसला टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ आया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2019, 4:17 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने एडजेस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू मामले में फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने दूरसंचार विभाग (Telecom Department of India) के पक्ष में फैसला सुनाया है. अब टेलीकॉम कंपनियों को बकाया रकम सरकार को चुकानी होगी. इस खबर के बाद टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है. बीएसई पर भारती एयरटेल का शेयर 5 फीसदी, वोडाफोन- आइडिया का शेयर 18 फीसदी लुढ़क गया है. आपको बता दें कि AGR (Adjusted Gross Revenue) के तहत टेलीकॉम कंपनियां सरकार के साथ लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज शेयरिंग करती हैंं. AGR में क्या क्या शामिल होगा इसकी परिभाषा को लेकर टेलीकॉम कंपनियोंं और सरकार के बीच विवाद चल रहा है.

क्या है मामला- पहले ये मामला TDSAT (Telecom Disputes Settlement and Appellate Tribunal) में पहुंचा. टीडीएसएटी ने इसकी परिभाषा अलग तरह से तय की. TDSAT के मुताबिक, किराया, संपत्ति की बिक्री पर मुनाफा, ट्रेजरी इनकम, डिविडेंड AGR में शामिल होगा. वहीं, डूबे हुए कर्ज, करंसी में फ्लकचुएशन, कैपिटल रिसिप्ट डिस्ट्रीब्यूशन मार्जन AGR में शामिल नहीं करने का आदेश दिया है.

अब क्या होगा- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टेलीकॉम कंपनियों को करीब 1.33 लाख करोड़ रुपये सरकार को चुकाने पड़ सकते हैं. हालांकि, ये रकम वैसे 92 हजार करोड़ रुपये है. लेकिन ब्याज और अन्य चीजों को मिलाकर यह रकम 1.33 लाख करोड़ रुपये है. अब टेलीकॉम कंपनियों ने छह महीने का समय मांगा है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि टेलीकॉम सेक्टर के लिए ये खबर निगेटिव है, क्योंकि टेलीकॉम सेक्टर पर करीब 7 लाख करोड़ रुपये का कर्ज़ है. ऐसे में कंपनियों की हालात और खराब हो सकती है. साथ ही, बैंकों पर भी इसका असर होगा. क्योंकि कई बड़े प्राइवेट और सरकारी बैंकों के कर्ज़ डूबने की स्थिति बन गई है.

किस कंपनी पर कितना बकाया
>> भारती एयरटेल पर 26 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है.
>> Vodafone-Idea पर 19000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है.
Loading...

>> रिलायंस कम्युनिकेशन पर करीब 16000 करोड़ रुपये का बकाया है.
>> बीएसएनएल पर करीब 2000 करोड़ रुपये का बकाया है.
>> एमटीएनएल पर करीब 2500 करोड़ रुपये का बकाया है.

(असीम मनचंदा, संवाददाता, सीएनबीसी आवाज़)

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 24, 2019, 1:31 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...