सरकार कारोबारियों, दिहाड़ी मजदूरों को वित्तीय सहायता दे- AITUC

सरकार कारोबारियों, दिहाड़ी मजदूरों को वित्तीय सहायता दे- AITUC
सड़क पर पैसे मिलने के मामले में पुलिस जांच कर रही है.

मजदूर संगठन ने एक बयान में कहा कि उसने 75 से अधिक जिलों में पूर्ण बंदी के मद्देनजर करोड़ों प्रवासी, ठेका, अस्थाई या दिहाड़ी मजदूरों की रसोई पर पड़े असर को गंभीरता के साथ संज्ञान में लिया है.

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नई दिल्ली. अखिल भारतीय मजदूर संघ कांग्रेस (AITUC) ने सोमवार को सरकार से कहा कि वह कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के चलते कारोबार बंद रहने के दौरान व्यवसायियों और दिहाड़ी मजदूरों को क्षतिपूर्ति के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करे. मजदूर संगठन ने एक बयान में कहा कि उसने 75 से अधिक जिलों में पूर्ण बंदी के मद्देनजर करोड़ों प्रवासी, ठेका, अस्थाई या दिहाड़ी मजदूरों की रसोई पर पड़े असर को गंभीरता के साथ संज्ञान में लिया है.

केंद्रीय मजदूर संगठन ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संदेश बहुत देर से आया और इसमें सरकार की तरफ से आवश्यक वित्तीय पैकेज के लिए कोई वादा नहीं किया गया. साथ ही लोगों को भय को दूर करने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए. बयान में कहा गया कि सरकार को कामकाजी लोगों और व्यापारियों के लिए वित्तीय सहायता पैकेज लाना चाहिए, ताकि रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और गरीब तथा कमजोर तबके के लोगों की मदद की जा सके. बयान में मांग की गई, "प्रवासी मजदूरों पर सबसे अधिक असर होता है. बंदी के दौरान उन्हें वित्तीय पैकेज देना बहुत जरूरी है. बंदी के दौरान बुरी तरह प्रभावित लोगों को खाने का पैकेट और पीने का पानी उपलब्ध कराना चाहिए."

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मजदूर संगठन ने यह भी कहा कि यह साबित हो गया है कि आपदा के समय सरकारी सेवाएं ही लोगों की मदद के लिए सबसे आगे आती हैं, इसलिए सरकार को सामजिक क्षेत्र में खर्च के लिए अपने बजट को बढ़ाना चाहिए.



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First published: March 23, 2020, 7:42 PM IST
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