ऐसा है देश का पहला डिजिटल गांव, यहां नहीं पड़ती कैश की जरूरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अकोदरा को देश के पहले डिजिटल विलेज का खिताब दिया। गांव का रुतबा सचमुच बदल चुका है। अब यहां 5 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन लोग मोबाइल या फिर कार्ड से करते हैं।

hindi.moneycontrol.com
Updated: July 12, 2015, 9:55 AM IST
ऐसा है देश का पहला डिजिटल गांव, यहां नहीं पड़ती कैश की जरूरत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अकोदरा को देश के पहले डिजिटल विलेज का खिताब दिया। गांव का रुतबा सचमुच बदल चुका है। अब यहां 5 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन लोग मोबाइल या फिर कार्ड से करते हैं।
hindi.moneycontrol.com
Updated: July 12, 2015, 9:55 AM IST
अहमदाबाद। कहते हैं डिजिटल इंडिया बनाने में सबसे बड़ी चुनौती हमारे गांवों को डिजिटाइज करने में आएगी। उन तक इंटरनेट सुविधाएं पहुंचाने में और उनकी सोच बदलने में आएगी। लेकिन, अहमदाबाद से 100 किमी दूर अकोदरा गांव ने इस आशंका को गलत साबित किया है। चारपाई है, खेत है, और खेत को बैलों के सहारे जोत रहा एक किसान भी है। अगर आपसे कहा जाए की यहां बैठकर वाई-फाई के जरिए अपने मोबाइल से किसी दूसरे मोबाइल पर मनी ट्रांसफर किया जा सकता है, तो क्या आप विश्वास करोगे?

पलक पटेल दूध का धंधा करते हैं। वो रोज सुबह-शाम अकोदरा गांव के मिल्क कलेक्शन सेंटर में ये दूध सप्लाई करते हैं जिसके लिए महीने में 3 बार उन्हें सबर डेयरी पैसे देती है। लेकिन, इस जनवरी से पलक के बिजनेस का हिसाब किताब अलग था।

अकोदरा आईसीआईसीआई बैंक का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस गांव को डिजिटल बनाने पर बैंक अक्टूबर से काम कर रहा है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अकोदरा को देश के पहले डिजिटल विलेज का खिताब दिया। गांव का रुतबा सचमुच बदल चुका है। अब यहां 5 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन लोग मोबाइल या फिर कार्ड से करते हैं। चाहे वो मार्केट में हो या फिर मंडी में। हालांकि, कैश से डिजिटल पेमेंट तक का सफर मुश्किल था। पर युवाओं का साथ मिला, तो सोच बदलना आसान हो गया। इससे एक बड़ा बदलाव ये भी आया है कि लोग अपने खर्च का अच्छी तरह हिसाब रखने लगे हैं। सेविंग्स बढ़ी है। डिजिटल दुनिया में वो पैसे से पैसा बनाना सीख रहे हैं।

डिजिटाइज होने से अकोदरा गांव में लेन-देन के तरीके, निवेश और खरीदारी के तरीके तो बदल ही गए हैं। साथ ही, लोगों के निजी जिंदगी में भी काफी कुछ बदला है। गांव में आंगनबाड़ी से लेकर हायर सेकेंडरी तक बच्चों के पढ़ने का अंदाज बदल गया है। ब्लैकबोर्ड की जगह स्मार्ट बोर्ड ने ले ली है। टीवी के जरिए पढ़ाई हो रही है। बस्ते का बोझ टैबलेट कम कर रहा है। नतीजा ये है कि पढ़ने में बच्चे दिलचस्पी ले रहे हैं, स्कूलों में एटेंडेंस बढ़ी है। गांव के ई-हेल्थ सेंटर में सभी गांववालों के मेडीकल रिकॉर्ड बटन दबाने से मिल जाता है।



साथ ही, यहां टेलीमेडीसिन की भी सुविधा है। यानी यहां बैठे-बैठे दूसरे बड़े शहरों के डॉक्टरों की राय मिल जाएगी। कई मायनों में शहरों से भी जोरदार, लेटेस्ट ट्रेंड ये है कि आस पास के गांवों के लोग अपनी लड़की की शादी अकोदरा में करना चाहते हैं। ताकि शादी के बाद लड़कियों को मॉडर्न रहन सहन, ज्यादा सुविधाएं मिलें। सोशल स्टेटस में आए इस बदलाव पर अकोदरा वाले तो फख्र कर ही सकते हैं, पूरे देश के लिए भी ये किसी गर्व से कम नहीं।
News18 Hindi पर Jharkhand Board Result और Rajasthan Board Result की ताज़ा खबरे पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें .
IBN Khabar, IBN7 और ETV News अब है News18 Hindi. सबसे सटीक और सबसे तेज़ Hindi News अपडेट्स. Business News in Hindi यहां देखें.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर