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सोना खरीदने वाले 10 साल में हुए मालामाल! डबल हुए पैसे

सोना खरीदने वाले 10 साल में हुए मालामाल! डबल हुए पैसे

सोना खरीदने वालों के पैसे 10 साल में हुए डबल! अब कहां मिलेगा फायदा

सोना खरीदने वालों के पैसे 10 साल में हुए डबल! अब कहां मिलेगा फायदा

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पिछले 10 साल में सोने के भाव करीब डबल हो चुके हैं. साल 2009 में 10 ग्राम सोने की कीमतें 18167 रुपये थी. वहीं, अब साल 2019 में कीमतें 32720 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गई है.

    अक्षय तृतीया का त्योहार आ गया है. आमतौर पर अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का चलन है. ऐसा माना जाता है कि इस त्योहार पर सोना खरीदने से खूब संपत्ति आती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पिछले 10 साल में सोने के भाव करीब डबल हो चुके हैं. साल 2009 में 10 ग्राम सोने की कीमतें 18167 रुपये थी. वहीं, अब साल 2019 में कीमतें 32720 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गई है. अलगे तीन महीने में कीमतें और बढ़ने की उम्मदी है, क्योंकि शादियों का सीजन शुरू होने वाला हैं. हालांकि, इस नए दौर में सोने के कई तरह के इन्वेस्टमेंट ऑप्शन शुरू हो गए है. लिहाजा आपके पास भी पैसा बनाने का मौका है.

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    अक्षय तृतीया पर सोने का भाव
    साल 2019 में सोने की कीमतें 32720 रुपये प्रति दस ग्राम.
    साल 2018 में सोने की कीमतें 31535 रुपये प्रति दस ग्राम.
    साल 2017 में सोने की कीमतें 28861 रुपये प्रति दस ग्राम.
    साल 2016 में सोने की कीमतें 29860 रुपये प्रति दस ग्राम.
    साल 2015 में सोने की कीमतें 26938 रुपये प्रति दस ग्राम.
    साल 2013 में सोने की कीमतें 26829 रुपये प्रति दस ग्राम.
    साल 2010 में सोने की कीमतें 18167 रुपये प्रति दस ग्राम.

    सोने की ज्वैलरी अब खरीदना कितना फायदेमंद-आमतौर पर भारतीयों की आदत होती है,फिजिकल गोल्ड यानी कि गहने या सिक्के खरीदते हैं क्योंकि उससे उन्हें गोल्ड का एहसास होता है.

    इसे पहनने के लिए तो इस्तेमाल किया ही जाता है, इसे धन की तरह ही देखा जाता है इसलिए इस नजरिए से देखें तो पेपर गोल्ड आपको ये संतुष्टि नहीं दे सकता क्योंकि यह एक बेसिक डॉक्यूमेंट होगा जिसकी कीमत गोल्ड के बराबर होगी.



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    लेकिन अगर खरीद की बात करें तो फिजिकल गोल्ड और बनवाने का चार्ज आपको कहीं महंगा पड़ सकता है. वहीं अगर आप इंपॉर्टेंट गोल्ड खरीदते हैं मेकिंग चार्ज के अलावा आपको इंपोर्ट प्राइस पर भी 10 फीसदी जीएसटी देना होगा, ज्वेलरी में लगने वाले गोल्ड पर तीन फीसदी जीएसटी देना होगा और मेकिंग चार्ज पर पांच फीसदी जीएसटी देना होगा.

    गोल्ड बॉन्ड खरीदना कितना फायदेमंद-अगर आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदते हैं तो आपको किसी भी तरह का कोई टैक्स नहीं देना होगा. सोना रखना रिस्की भी है. आपका फिजिकल गोल्ड चोरी हो सकता है, खो सकता है लेकिन गोल्ड बॉन्ड में ऐसा कोई खतरा नहीं है. यहां तक कि गोल्ड बॉन्ड पर भारत सरकार की ओर से सॉवरेन गारंटी भी रहती है इसलिए अगर आपके बॉन्ड को किसी तरह का नुकसान पहुंचता है तो सरकार उस पर बाजार की मौजूदा कीमत के आधार पर ही रिडेंप्शन देगी.



    अपने पास रखें तो खोने या चोरी होने का डर, बैंक में रखें तो उसे सेफ रखने के लिए अलग से कीमत चुकाना. अगर आप सोना घर पर न रखकर बैंक लॉकर में रखते हैं तो उसके लिए आपको लॉकर का हर महीने चार्ज देना होगा.

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    आपको सोना रखने के लिए एक तयशुदा अमाउंट का फिक्स डिपॉजिट भी कराना होगा क्योंकि फिक्स्ड डिपॉजिट कराए बगैर कोई भी बैंक आपको लॉकर उधार नहीं देगा. वहीं, आपको अपने गोल्ड आइटम पर इंश्योरेंस भी लेना पड़ेगा. लेकिन आपको सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के साथ इतना तामझाम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. गोल्ड बॉन्ड पर तो सरकार खुद 2.5 फीसदी की दर से इंटरेस्ट देती है.



    गोल्ड बॉन्ड खरीदने में फायदा यह भी है कि अगर आप अपना गोल्ड आइटम यानी कि फिजिकल गोल्ड फ्यूचर में कभी बेचते हैं तो आपको उसका मैन्युफैक्चरिंग चार्ज नहीं मिलेगा लेकिन आपके सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर आपको मार्केट रेट के हिसाब से पूरी वैल्यू मिलेगी इसलिए अगर सोने के सुनहरेपन के एहसास को छोड़ दिया जाए तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड आपके लिए काफी सुविधाजनक और फायदेमंद हो सकता है.

    Tags: Buy gold this Akshaya Tritiya, Gold, Gold business

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