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चाइनीज एप शॉपी को बैन करने की मांग, इससे पहले 54 चीनी एप हो चुके हैं प्रतिबंधित

चाइनीज एप शॉपी को बैन करने की मांग, इससे पहले 54 चीनी एप हो चुके हैं प्रतिबंधित

चीनी एप शॉपी को भारत में बैन करने की मांग.

चीनी एप शॉपी को भारत में बैन करने की मांग.

कैट ने तत्काल प्रभाव से ऐप शॉपी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की पुरजोर मांग की है. कैट ने 54 ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार की सराहना करते हुए इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि शॉपी को प्रतिबंधित ऐप्स की सूची में शामिल क्यों नहीं किया गया जबकि उसकी मूल कंपनी शॉपी गरेना फायर प्रतिबंधित है.

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    नई दिल्‍ली. चीनी सामानों के बहिष्‍कार के बाद से लगातार चाइनीज एप्‍स को प्रतिबंधित करने की मांग की जाा रही है. इसी के चलते केंद्र सरकार की ओर से 54 चीनी एप्‍स को बैन भी किया जा चुका है. हालांकि अब चाइनीज एप शॉपी को बैन करने की मांग की जा रही है. वहीं शॉपी को ऐप प्रतिबंध सूची में शामिल न करने पर कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने केंद्रीय वाणिज्‍य मंत्री पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव को इस संबंध में ज्ञापन भेजा है.

    कैट ने तत्काल प्रभाव से ऐप शॉपी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की पुरजोर मांग की है. कैट ने 54 ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार की सराहना करते हुए इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि शॉपी को प्रतिबंधित ऐप्स की सूची में शामिल क्यों नहीं किया गया जबकि उसकी मूल कंपनी शॉपी गरेना फायर प्रतिबंधित है. पत्र में भारत की संप्रभु अखंडता और सुरक्षा के मद्देनजर ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने में सरकार द्वारा उठाए गए साहसिक कदम की गई है. इन चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाकर, भारत ने विश्व भर में एक स्पष्ट संदेश भेजा है कि हम बीजिंग या किसी और राष्ट्र के आर्थिक आतंकवाद के अधीन नहीं होंगे. हालांकि यह आश्चर्यजनक है कि सरकार ने एक ही समूह के एक हाथ पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन दूसरे पर नहीं.

    इस बारे में कैट के महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि असल में प्रमुख चिंता यह है कि इन ऐप्स के जरिए हमारे देश का कंज्यूमर डेटा चीन को भेजा जा रहा है. हमें एक व्यापक दृष्टिकोण रखना होगा, नहीं तो लंबे समय में देश के होनहार व्यवसाय विदेशियों के हाथों में आ जाएंगे. भारत में नीतियों और विनियमों की कमी है, विशेष रूप से ई-कॉमर्स, ऑनलाइन गेमिंग और अन्य प्रौद्योगिकी आधारित वर्टिकल जैसे कुछ बहुत ही आशाजनक व्यावसायिक धाराओं के लिए माकूल नीतियां और रेगुलेटरी बॉडी अब भी नही बनाई गई है. अब नियामक प्राधिकरण के साथ मिलकर आवश्यक नीति, कानून और नियम बनाने का समय आ गया है.

    एक ई-कॉमर्स इकाई, शॉपी एसईए लिमिटेड के स्वामित्व में है, यह वही इकाई है जो गरेना: फ्री फायर के भी मालिक हैं. एसईए लिमिटेड को टेनसेंट और उसके चीनी संस्थापक फॉरेस्ट ली (जो हाल ही में सिंगापुर के नागरिक बने है) द्वारा नियंत्रित किया जाता है. महत्वपूर्ण बात यह है कि गरेना और शॉपी दोनों अपना सारा डेटा टेनसेंट क्लाउड पर स्टोर करते हैं. चीनी संबंध को देखते हुए सरकार ने गरेना: फ्री फायर पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह देखते हुए कि शॉपी और गरेना दोनों एक ही मूल कंपनी एसईए लिमिटेड के स्वामित्व में हैं और ये टेनसेंट क्लाउड (भारतीय नागरिकों के डेटा को संग्रहीत करने के लिए) का उपयोग करते हैं. ऐसे में शॉपी ऐप को भी प्रतिबंधित किया जाना चाहिए था.

    ज्ञापन में कहा गया कि व्यापार जगत के नेताओं ने आगे कहा कि वाणिज्य मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2020 को प्रकाशित प्रेस में कहा कि अगर किसी भी देश की इकाई द्वारा भारत में निवेश किया जाता है तो उसके लिए भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है. हालांकि, इसके उल्लंघन में शॉपी ने भारत में एक कंपनी (SPPIN India Private Limited) को शामिल किया है और उसके जरिये भारत मे अपना संचालन शुरू कर दिया है. हालिया मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शॉपी प्रति दिन लगभग 3-3.5 लाख ऑर्डर लेता है. ऐसे में इसे गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से प्रतिबंधित किया जाए. इसके साथ ही चीनी मूल के निवेशकों को शामिल करने के लिए भारत सरकार से पूर्व अनुमति नही लेने पर एसपीपीआईएन इंडिया के खिलाफ जांच शुरू करने और उन पर सख्‍त कारर्वाई की जाए.

    Tags: App, Ban, CHINESE APPS, Online Shopping

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