कोरोना नियंत्रण के लिए सीएम केजरीवाल से व्‍यापारियों ने की वाराणसी मॉडल अपनाने की मांग

व्‍यापारियों के संगठन ने अरविंद केजरीवाल को कोरोना रोकने के लिए वाराणसी मॉडल अपनाने के सुझाव दिए हैं.  (सांकेतिक फोटो)

व्‍यापारियों के संगठन ने अरविंद केजरीवाल को कोरोना रोकने के लिए वाराणसी मॉडल अपनाने के सुझाव दिए हैं. (सांकेतिक फोटो)

कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल की ओर से बताया गया कि उन्‍होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से आग्रह किया है कि वे वाराणसी मॉडल का अध्ययन करें क्योंकि वाराणसी में स्थानीय प्रशासन व्यापारिक संगठनों के सहयोग और उनसे बातचीत करते हुए कोरोना पर काबू पाने में सफल रहा है. ऐसा दिल्‍ली में भी किया जा सकता है.

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नई दिल्‍ली. कोरोना को देखते हुए दिल्‍ली सरकार ने 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है. सरकार के इस फैसले से व्‍यापारी भी काफी खुश हैं. उनका कहना है कि लॉकडाउन अभी खोलने से फिर कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ सकती है ऐसे में लॉकडाउन को जारी रखना अच्‍छा कदम है. हालांकि व्‍यापारियों ने सीएम केजरीवाल को कोरोना की रोकथाम के लिए कुछ उपाय अपनाने के सुझाव भी भेजे हैं.

कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल की ओर से बताया गया कि उन्‍होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से आग्रह किया है कि वे वाराणसी मॉडल का अध्ययन करें क्योंकि वाराणसी में स्थानीय प्रशासन व्यापारिक संगठनों के सहयोग और उनसे बातचीत करते हुए कोरोना पर काबू पाने में सफल रहा है. ऐसा दिल्‍ली में भी किया जा सकता है.

कैट की ओर से कहा गया कि दिल्ली में लगभग 15 लाख छोटे बड़े व्यापारी हैं जो प्रत्यक्ष रूप से करीब 35 लाख लोगों को रोजगार देते हैं जबकि अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोग व्यापारियों के जरिये अपनी आजीविका कमा रहे हैं.  पिछले 50 दिनों में दिल्ली में लगभग 40 हज़ार करोड़ रुपए के व्यापार का नुक़सान हुआ है.

कैट ने केजरीवाल से यह भी मांग की है कि पिछले एक महीने से ज्यादा समय से दुकानें बंद होने के बावजूद व्यापारियों को बिजली के बिल मिल रहे हैं जो सामान्‍य से ज्यादा हैं. कैट ने कहा है कि केजरीवाल लॉकडाउन के दौरान जारी किये गए बिजली के बिलों को वापिस लेने का आदेश बिजली कंपनियों को जारी करें.
कैट ने आगाह किया कि दिल्ली में लॉक डाउन खोलने से पहले सरकार व्यापारी संगठनों से बातचीत कर लॉक डाउन खोलने की दिशा तय करे और व्यापारियों द्वारा कोरोना से सुरक्षा के सभी उपाय करने के लिए योजना बनाये. वहीं सरकार भी इस बात को तय करे कि दिल्ली के सभी बाजारों में सफाई की व्यवस्था समुचित रूप से होगी और जरूरत पड़ने पर किसी भी व्यापारी, कर्मचारी या उनके ग्राहक को तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध होगी.

आगे कहा कि दिल्ली सरकार को बेहद सख्ती के साथ लॉक डाउन को लागू करना चाहिए क्योंकि इस समय संक्रमण की दर जिस तरह से कम हो गई है अब उसको और अधिक कम करके शून्य तक ले जाने की जरूरत है जो सख्त लॉक डाउन से ही संभव है. किसी भी लॉकडाउन में न केवल दुकानों बल्कि आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की गतिविधियों को बंद रखा जाना जरूरी है और इस बंदी का पूर्ण रूप से पालन किया जाना भी बहुत आवश्यक है.

जबकि पिछले दिनों में देखा गया है कि दिल्ली में हर तरफ लोग बिना किसी रोक टोक के घूम रहे हैं. इसके साथ ही दिल्ली की सभी सीमाओं पर प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति या वाहन को सख्त जांच के बाद ही दिल्ली में प्रवेश देना चाहिए. हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अंतरराज्यीय बस स्टेंड्स पर सख्त सतर्कता की आवश्यकता है. दिल्ली में कोविड की श्रृंखला को तोड़ने के लिए  जब तक इन कदमों को प्रभावी तरीके से नहीं उठाया जाएगा तब तक कोरोना श्रंखला को तोडना मुश्किल है.

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