दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी FMCG कंपनी में टॉप पदों पर तीन भारतीयों की नियुक्ति

इंग्लैंड की कंपनी यूनिलीवर (Unilever) के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि तीन भारतीयों ने कंपनी के टॉप मैनेजमेंट को संभाला है. इनमें संजीव मेहता, यूनिलीवर की सीएचआरओ लीना नायर और परांजपे शामिल हैं

News18Hindi
Updated: March 16, 2019, 3:28 PM IST
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी FMCG कंपनी में टॉप पदों पर तीन भारतीयों की नियुक्ति
यूनिलीवर के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि तीन भारतीयों को टॉप पद मिले
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Updated: March 16, 2019, 3:28 PM IST
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंज्यूमर गुड्स कंपनी यूनिलीवर ने नितिन परांजपे को कंपनी का सीओओ बनाया है. वहीं संजीव मेहता को यूनिलीवर के साउथ एशिया ब्रांच का प्रेजिडेंट बनाया गया है. नितिन परांजपे से पहले एक और भारतीय इस कंपनी के सीओओ पद की बागडोर संभाल चुके हैं, जिनका नाम हरीश मनवानी है. आपको बता दें कि यूनिलीवर की भारतीय सब्सिडियरी कंपनी  हिंदुस्तान यूनिलीवर  (एचयूएल) है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हर तीन में से दो भारतीय इस इंग्लैंड की कंपनी का उत्पाद खरीद रहे हैं

यूनिलीवर में बड़ा बदलाव- कंपनी ने गुरुवार को बताया कि ये बदलाव 1 मई, 2019 से लागू होंगे. पिछले वर्ष परांजपे यूनिलीवर की सबसे बड़ी बिजनेस यूनिट- फूड और रिफ्रेशमेंट के हेड बने थे. मेहता अभी तक यूनिलीवर साउथ एशिया के एग्जिक्युटिव वाइस प्रेसिडेंट थे. वह हिंदुस्तान यूनिलीवर के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर भी बने रहेंगे.

नितिन परांजपे  यूनिलीवर सीओओ नियुक्त




कौन है नितिन परांजपे- नितिन ने यूनिलीवर की भारतीय यूनिट हिंदुस्तान लीवर (अब हिंदुस्तान यूनिलीवर) के साथ 1987 में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर शुरुआत की थी. वह भारतीय यूनिट के सबसे युवा सीईओ थे.



यूनिलीवर में ऐसा पहली बार हुआ- कंपनी के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि तीन भारतीयों ने यूनिलीवर के शीर्ष नेतृत्व को संभाला है, जिनमें संजीव मेहता, यूनिलीवर की सीएचआरओ लीना नायर और परांजपे शामिल हैं. एचयूएल के पूर्व वाइस प्रेजिडेंट और कार्यकारी निदेशक (पर्सनल केयर) समीर सिंह यूनिलीवर के स्कीन क्लिंजिंग के ग्लोबल एग्जेक्युटिव वाइस प्रेजिडेंट हैं.

लीना नायर, सीएचआरओ, यूनिलीवर

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कंपनी ने जून 2011 में सीओओ की पोस्ट बनाई थी. हरीश मनवानी ने 2014 में रिटायर होने तक यह जिम्मेदारी संभाली थी.

हरीश मनवानी


पिछले कुछ वर्षों में यूनिलीवर में भारतीय मैनेजरों की संख्या तेजी से बढ़ी है. अभी 200 से अधिक भारतीय मैनेजर ग्लोबल लेवल पर यूनिलीवर में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं.

जब से प्रकाश टंडन को हिंदुस्तान लीवर का चेयरमैन नियुक्त किया गया, तब से लेकर अब तक मात्र एक गैर-भारतीय इसका प्रमुख बना. साल 2005 से पहले हिंदुस्तान यूनिलीवर को हिंदुस्तान लीवर के नाम से जाना जाता था. हालांकि, औपचारिक रूप से एचयूएल नाम 2007 में हुआ.यूनिलीवर के लिए अमेरिका के बाद भारत दूसरा सबसे बड़ा बाजार होने के मद्देनजर, कंपनी भारतीय टैलेंट का पूरी दुनिया में अपने विस्तार के लिए इस्तेमाल कर रही है.
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