सरकार को RBI क्यों देता है डिविडेंड के तौर पर हजारों करोड़ रुपये! जानें पूरा मामला

सोमवार, 8 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने RBI से बजट में लिए फैसलों पर बात की. साथ ही, RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि डिविडेंड पर फैसला RBI बोर्ड लेगा.

News18Hindi
Updated: July 9, 2019, 6:53 PM IST
सरकार को RBI क्यों देता है डिविडेंड के तौर पर हजारों करोड़ रुपये! जानें पूरा मामला
सरकार को RBI क्यों देता हैं डिविडेंड के तौर पर हजारों करोड़ रुपये! जानें पूरा मामला
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Updated: July 9, 2019, 6:53 PM IST
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि अकाउंटिंग 30 जून को पूरी हुई है. इसके आधार पर ही ऑडिट कमिटी यह बताएगी कि RBI के पास डिविडेंड देने लायक फंड है या नहीं. ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट के बाद RBI 90,000 करोड़ रुपये के डिविडेंड पर आखिरी फैसला लेगा. आपको बता दें कि सरकार को चालू वित्त वर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक से डिविडेंड के रूप में 90,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है. यह पिछले वित्त वर्ष में रिजर्व बैंक द्वारा दिए गए 68,000 करोड़ रुपये के डिविडेंड से 32 फीसदी अधिक है. इसमें 28,000 करोड़ रुपये का अंतरिम डिविडेंड भी शामिल था.

कब मिलेगा सरकार को डिविडेंड का पैसा- सोमवार, 8 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने RBI से बजट में लिए फैसलों पर बात की. साथ ही,  RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि डिविडेंड पर फैसला RBI बोर्ड लेगा. उन्होंने यह भी कहा कि RBI कितनी रकम दे पाएगा, इस पर भी अभी फैसला नहीं हो पाया है. हालांकि उन्होंने आगे कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

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कितना मिलेगा सरकार को डिविडेंड-फाइनेंस सेक्रेटरी सुभाष चंद्र गर्ग ने पिछले हफ्ते कहा था कि सरकार इस फिस्कल ईयर में RBI से 90,000 करोड़ रुपये का डिविडेंड लेना चाहती है. पिछले फिस्कल ईयर के मुकाबले यह 32 फीसदी ज्यादा है. उस वक्त RBI ने 68,000 करोड़ रुपये दिए थे.

इसमें 28,000 करोड़ रुपये अंतरिम डिविडेंड था. किसी एक फाइनेंशियल ईयर में केंद्र सरकार को RBI से मिलने वाला यह सबसे ज्यादा डिविडेंड है. फिस्कल ईयर 2017-18 में RBI ने 40,659 करोड़ रुपये और 2015-16 में 65,896 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था.


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क्या होता है डिविडेंड- कुछ कंपनियां अपने होने वाले प्रॉफिट में से समय-समय पर शेयरहोल्डर्स (शेयरधारकों) को कुछ हिस्सा देती हैं. मुनाफे का यह हिस्सा वे शेयरहोल्डर्स (शेयरधारकों) को डिविडेंड के रूप में देती हैं. इसी तरह आरबीआई भी अपने मुनाफे के हिस्से में से कुछ हिस्सा सरकार को देता है.

क्यों RBI सरकार को पैसा देती है-आरबीआई की स्थापना सन 1934 में हुई थी. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट 1934 के चैप्टर 4 सैक्शन 47 के मुताबिक, आरबीआई का अपने ऑपरेशंस के जरिये कमाए मुनाफे में से सरप्लस फंड को केंद्र सरकार को भेजना जरूरी है.

आरबीआई कैसे मुनाफा कमाता है- आरबीआई बॉन्ड्स के खरीदने बेचने पर पैसा कमाता है. साथ ही, बैंकों को दिए कर्ज़ पर भी आरबीआई पैसा बनाता है.
First published: July 9, 2019, 6:12 PM IST
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