लॉकडाउन के बाद सोच-समझकर खर्च कर रहे भारतीय लोग, जानिए कहां कर रहे सबसे ज्यादा खर्च

लॉकडाउन के बाद लोगों के खर्च करने के रवैय में बड़ा बदलाव आया है.
लॉकडाउन के बाद लोगों के खर्च करने के रवैय में बड़ा बदलाव आया है.

वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि लोगों का खर्च कम हो जाएगा. अब एक सर्वे में भी यही सामने आया है. अधिकतर भारतीय लोग अब पहले की तुलना में अपने शॉपिंग या किसी एक्सपीरिएंस पर कम खर्च कर हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 25, 2020, 7:32 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. लॉकडाउन में ढील के बाद से भारतीय लोगों का खर्च बढ़ा है. लेकिन अभी भी 90 फीसदी भारतीय लोग कोरोना वायरस महामारी (Corona virus Pandemic) के बाद अब खर्च करने को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हैं. वैश्विक स्तर पर 75 फीसदी लोग अपने खर्च को लेकर सतर्क हैं. एक सर्वे में इस बारे में जानकारी सामने आई है. जुलाई महीने में वैश्विक स्तर पर 46 फीसदी लोग अपने खर्च को लेकर सतर्क दिखाई दिए. जुलाई में ही भारत के लिए यह आंकड़ा करीब 56 फीसदी है.

अर्थव्यवस्था पर कोरोना के असर ने किया सतर्क
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank Survey) के एक सर्वे से इस बारे में जानकारी सामने आई है. इस सर्वे में भाग लेने वाले 76 फीसदी लोगों ने कहा कि कोविड-19 की वजह से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है, यही कारण है कि वो सोच-समझ कर खर्च कर रहे हैं.

दुनिया के मुकाबले ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर पॉजिटिव हैं भारतीय
दुनियाभर के 12 मार्केट्स में इस बारे में एक स्टडी किया गया. इसमें हॉन्ग कॉन्ग, इंडिया, इंडोनेशिया, केन्या, मेनलैंड चीन, मलेशिया, पाकिस्तान, सिंगापुर, ताइवान, यूएई, यूनाइटेड किंग्डम और अमेरिका जैसे बाजार शामिल हैं. तीन हिस्से में किए जाने वाले इस स्टडी का यह दूसरा नतीजा है. सर्वे के मुताबिक, 74 फीसदी भारतीय लोग ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर पॉजिटिव नजर आ रहे हैं. जबकि, वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा करीब 64 फीसदी ही है.



यह भी पढ़ें: SBI ने करोड़ों ग्राहकों के लिए जारी किया अलर्ट, नहीं दिया ध्यान तो हो सकता है भारी नुकसान

5 साल में कैशलेस लेनदेन बढ़ने की उम्मीद
एक और एरिया जहां भारत ने इस लिस्ट में टॉप किया है, वो है कैशलेस खर्च को लेकर. इस सर्वे में भाग लेने वाले 87 फीसदी लोगों का कहना है कि आने वाले 5 साल में कैशलेस खर्च में तेजी से बढ़ोतरी होगी. जबकि वैश्विक स्तर पर यह ऐसा केवल 64 फीसदी लोगों का ही मानना है.

भारत में 64 फीसदी लोगों ने कहा कोरोना काल के पहले की तुलना में उन्होंने किसी भी तरह के ट्रैवल या छुट्टी लेने से परहेज किया है. वहीं, 30 फीसदी लोगों ने अपने एक्सपीरिएंस पर होने वाले खर्च को कम किया है. वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 41 फीसदी है. एक तरफ केवल 56 फीसदी लोगों ने नये कपड़े की शॉपिंग की है. वहीं, वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 55 फीसदी है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज