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CAIT का बड़ा आरोप, Amazon ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग को दिया धोखा

CAIT का बड़ा आरोप, Amazon ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग को दिया धोखा

एक बार फिर कैट ने अमेजन पर निशाना साधा है

एक बार फिर कैट ने अमेजन पर निशाना साधा है

कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने अमेजन (Amazon) की हठधर्मिता को व्यापार आचरण के विरुद्ध बताया है. कैट ने कहा कि अमेजन ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी सीसीआई (CCI) को धोखा दिया और 2019 में सीसीआई से धोखाधड़ी से अप्रूवल हासिल किया.

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    नई दिल्ली. व्यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स यानी कैट (Confederation Of All India Traders) ने एक बार फिर ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अमेजन (Amazon) पर निशाना साधा है. कैट ने अमेजन की हठधर्मिता को व्यापार आचरण के विरुद्ध बताया है. कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स कहा कि अमेजन ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी सीसीआई (Competition Commission of India- CCI) को धोखा दिया और 2019 में सीसीआई से धोखाधड़ी से अप्रूवल प्राप्त किया.

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेजन ने कहा है कि सीसीआई को उनकी तरफ से ये बताया गया है कि उसके पास अप्रूवल को रद्द करने की शक्ति नहीं है. इस खबर का हवाला देते हुए कैट ने कहा कि अगर सीसीआई के पास अप्रूवल को निरस्त करने की शक्ति नहीं है, तो वे सीसीआई की विभिन्न सुनवाई में क्यों शामिल हुए.

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    ‘मामले को सीसीआई से छुड़वाने के लिए रची साजिश’
    कैट ने कहा, ”अमेजन से पहले तो सीसीआई से यह पूछना चाहिए था कि उसके पास ऐसी कोई शक्ति है या नहीं है. आश्चर्यजनक रूप से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हाल की सुनवाई सहित किसी भी अन्य सुनवाई के दौरान इस पर आपत्ति क्यों नहीं जताई. असल में मामले को सीसीआई से छुड़वाने के लिए यह एक सोची-समझी साजिश है.”

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    ‘कैट की पीएलआई के कारण हुई समयबद्ध सुनवाई’
    कैट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई सीसीआई की ओर से समयबद्ध तरीके से इसलिए की गई क्योंकि दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में व्‍यापारी संगठन की ओर से एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी. इस पीआईएल में सीसीआई को कार्यवाही पूरी करने और मामले को तुरंत निपटाने का आग्रह किया गया था. सीसीआई के लिए आवेदन को कानूनी रूप से ‘नोटिफिकेशन’ कहा जाता है और जिन लेनदेन के लिए अनुमोदन मांगा जाता है, उन्हें ‘कॉम्बिनेशन’ कहा जाता है.

    Tags: Amazon, Business news in hindi, CAIT, DELHI HIGH COURT

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